हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी शैक्षिक एवं मुक्त विद्यालय की पूरक परीक्षा अक्तूबर 2023 की उत्तर पुस्तिकाओं का ऑनलाइन अंकन कार्य के लिए अंकन केंद्रों पर परीक्षकों को बुधवार को ट्रेनिंग दी गई।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ वीपी यादव एवं सचिव ज्योति मित्तल ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा पहली बार परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं की डिजिटल मार्किंग करने की व्यवस्था अपनाई जा रही है। प्रदेश के सभी राजकीय व अराजकीय मान्यता प्राप्त विद्यालयों के मुखियाओं द्वारा उनके विद्यालय के कम्प्यूटर साक्षरता वाले अध्यापकों, प्राध्यापकों की दी गई सूची के आधार पर ही परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में शिक्षक सेकेंडरी की परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं का ऑनलाइन अंकन करेंगे। प्रदेशभर में परीक्षकों की सुविधा के लिए प्रत्येक अंकन केंद्र पर शिक्षा बोर्ड की तरफ से दो ट्रेनर-कम-तकनीकी विशेषज्ञों को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षकों को प्रशिक्षण देने उपरांत ही उत्तरपुस्तिकाओं के ऑनलाइन अंकन का कार्य शुरू करवाया जाएगा। प्रदेशभर में बनाए गए अंकन केंद्रों की बोर्ड के कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग करने एवं परीक्षकों को ऑनलाइन कार्य में होने वाली कठिनाईयों के निदान के लिए शिक्षा बोर्ड में एक मॉनिटरिंग सैल भी स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष के ओएसडी विपिन कुमार द्वारा बोर्ड अधिकारियों की टीम के साथ जिला भिवानी के अंकन केंद्र नेशनल कम्प्यूटर ट्रेंनिग सेंटर का निरीक्षण किया गया। इस केंद्र पर उत्तरपुस्तिकाओं के ऑनलाइन अंकन के लिए प्रशिक्षण का कार्य का भी जायजा लिया। यहां नियुक्त परीक्षकों द्वारा बताया गया कि उत्तरपुस्तिकाओं के ऑनलाइन अंकन का कार्य वीरवार से आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बुधवार को रोडवेज बसों की हड़ताल होने के कारण कुछ परीक्षक प्रशिक्षण के लिए अंंकन केंद्रों पर नहीं पहुंच पाए। ऐसे परीक्षकों को ऑनलाइन अंकन हेतु प्रशिक्षण वीरवार दिया जाएगा।
बिना किसी ट्रेनिंग के बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं जांचना किसी भी सूरत में सही नहीं : सिंधु
भिवानी। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने कहा कि बोर्ड की ओर से दो दिन पहले स्कूल लॉगिन पर मार्किंग की ड्यूटियां आई हैं। इसके माध्यम से शिक्षकों को पता चला है कि इस बार डिजिटल मार्किंग होगी।
मंगलवार को शुरू हुई मार्किंग में अनेक तरह की समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी ट्रेनिंग के बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं जांचना किसी भी सूरत में सही नहीं है। क्योंकि यह बच्चों की पूरी साल की मेहनत से जुड़ा मामला है। नई व्यवस्था लागू करने से पहले संगठन पदाधिकारियों से चर्चा करना आवश्यक था, लेकिन इस बारे में बोर्ड की तरफ से किसी भी तरह की सूचना समय रहते नहीं दी गई। क्योंकि वर्तमान दौर में शिक्षक को अपने विषय का ज्ञान हो सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि उसे कंप्यूटर पर उत्तर पुस्तिका जांचने की भी जानकारी हो। बोर्ड द्वारा लगाई गई ड्यूटियों का आधार भी पता नहीं चल पा रहा है। नई व्यवस्था से कितनी महंगी या सस्ती होगी, इस पर भी चर्चा होना जरूरी है। अगर यह व्यवस्था इतनी कारगर होती तो देश का सबसे बड़ा शिक्षा बोर्ड सीबीएसई भी इसे अपनाकर लागू कर देता है। संवाद