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Bhiwani News: मेले में लिया था फोन नंबर, फिर होने लगी बात

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भिवानी। भिवानी जिले के बहल क्षेत्र के गांव हरियावास और बिधनोई बरामद की गईं दो सगी नाबालिग बहनों की दास्तां सुनकर हर किसी के रौंगटे खड़े हो गए। दोनों ही बहनों ने बाल कल्याण समिति सदस्य व स्टेट क्राइम ब्रांच टीम के सामने बताया कि साढ़े 16 साल की नाबालिग लड़की की मुलाकात मेले में असम के जिला गोलपुरा निवासी रोबी कुल इस्लाम के साथ हुई थी। इस्लाम ने बड़ी बहन का फोन नंबर ले लिया था, जिसके बाद कई दिनों तक फोन पर उनकी बातें होती रहीं।
आरोपी रोबी कुल इस्लाम टाइल्स लगाने की ठेकेदारी का काम करता है। उसने पहले बड़ी बहन को शादी का झांसा दिया और फिर अपनी बहन के घर ले गया। जहां करीब महीने भर तक उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर गांव हरियावास निवासी रामप्रसाद महला बिचौलिए से सांठगांठ कर हरियावास निवासी 35 साल के राजकुमार को एक लाख 10 हजार रुपये में एक माह दस दिन पहले बेच डाला।
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बड़ी बहन ने बताया कि आरोपी राजकुमार उसके साथ रात को दुष्कर्म करता और सुबह दिनभर कपास के खेतों में काम कराता। सुबह एक ही टाइम खाना देता था। रोजाना शाम को शराब पीकर उसे अमानवीय यातनाएं दी जाती थी। शाम का खाना भी उससे छीनकर कुत्तों को खिला देता था। राजकुमार का घर खेतों में बना हुआ है। जिस वजह से उसके चिल्लाने की आवाज भी किसी को सुनाई नहीं देती थी। उसकी छोटी बहन को भी रोबी अपने प्रेमजाल में फांस शादी का झांसा देकर कुछ दिन पहले ही उसके गांव से भगाकर लाया था। उसे भी बहल क्षेत्र के गांव बिधनोई निवासी 25 वर्षीय सुरेंद्र को एक लाख 30 हजार रुपये में बेचा था। सुरेंद्र गाड़ी चलाता है। महज 15 साल की लड़की को सुरेंद्र घर पर पत्नी बनाकर रखता था। सुरेंद्र बिधनोई में अपनी बहन के घर रहता है।
वहीं सीडब्ल्यूसी सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि बड़ी बहन पांचवीं तक पढ़ी लिखी है जबकि छोटी बहन आठवीं कक्षा तक पढ़ाई कर चुकी है। दोनों ही लड़कियों को स्थानीय और हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं है। इसलिए ज्यादातर असम भाषा ही बोल रही हैं।

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आरोपी पकड़ में आने से खुलेंगे मानव तस्करी के कई राज

असम का रहने वाला रोबी कुल इस्लाम पकड़ में आने के बाद मानव तस्करी के कई राज खुल सकते हैं, क्योंकि इस तरह से असम से लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फांसकर हरियाणा में लाकर उन्हें बेचने का धंधा काफी पुराना है। ज्यादातर लड़कियों को देह व्यापार के काले धंधे में धकेल दिया जाता है तो कई लड़कियों को ज्यादा उम्र दराज शादी नहीं होने वाले लोगों को पत्नी बनाने के लिए बेच डाला जाता है। लेकिन ये दोनों ही नाबालिग बहनें युवक के प्रेमजाल में ऐसी फंसी की खुद मानव तस्करी के दलदल में फंस गई।

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चाइल्ड हेल्प लाइन पर मिली सूचना के बाद सक्रिय हुई स्टेट क्राइम ब्रांच

चाइल्ड हेल्प लाइन पर सूचना मिलने के बाद स्टेट क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर संजय सिंह, एचसी राजबीर सिंह, एचसी जयवीर शर्मा, महिला कांस्टेबल सोनू, डीसीपीओ संदीप कुमार, बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर, मनवीर श्योराण ने मौके पर पहुंचकर दोनों बहनों को अलग-अलग गांवों के घरों से बरामद कर लिया। इसके बाद बाल सेवा आश्रम में विष्णु शर्मा, हरेंद्र तंवर, ओमप्रकाश अरोड़ा, गोलू गोयल ने दोनों लड़कियों की औपचारिकता पूरी कराने के उपरांत उन्हें बच्चों के वार्ड में भेज दिया।

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दो साल पहले हो गई थी पिता की मौत, माता का पहले हो चुका था देहांत

दोनों नाबालिग बहनों ने बताया कि करीब दो साल पहले उनके पिता की मौत बीमारी की वजह से हो गई थी। जबकि उनकी माता उन्हें जन्म देने के बाद ही मर गई थी। उसके बाद से ही अपने मामा के पास दोनों बहनें रह रही थीं। मामा ने आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण का असम के एक जिला के थाना में केस दर्ज कराया है।
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परिजनों और आसाम पुलिस से भी साधा जाएगा संपर्क, बहल थाने में दर्ज होगा केस

बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि दोनों नाबालिगों को बरामद किया जा चुका है। फिलहाल सामान्य मेडिकल उपरांत बाल सेवा आश्रम भेजा है। मंगलवार को महिला पुलिस के साथ इनका दोबारा से दुष्कर्म से संबंधित मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और काउंसिलिंग उपरांत बयान दर्ज होंगे। इसके बाद बहल पुलिस थाना में मानव तस्करी और दुष्कर्म की धाराओं के तहत लड़कियों की खरीद फरोख्त करने और बिचौलिये के खिलाफ केस दर्ज होगा। लड़कियों को बहला फुसलाकर भगा लाने वाले आरोपी के खिलाफ पहले से ही असम में केस दर्ज है।
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