लोहारू के गिगनाऊ गांव में बन रहे अर्धशुष्कीय इंडो-इस्राइल बागवानी उत्कृष्ट केंद्र में खीरे व टमाटर की ऐसी पौध तैयार की जा रही है जो पौधे की जगह बेल पर तैयार होगी। नवीनतम तकनीक पर आधारित केंद्र में 16 से 17 ऐसे स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, जिसमें पौधे पर ठंड और लू का असर नहीं होगा। इस केंद्र में 35 से 40 लाख पौधे एक साथ तैयार हो सकेंगे।
इसमें जर्मनी की तकनीक पर आधारित नेचुरल वेंटिलेटेड पॉली हाउस बनाया गया है जो पूरी तरह से सेंसर बेस है। पौधे की धूप हवा की जरूरत के अनुसार इसकी सीट अपने आप खुल जाती है। यह हरियाणा में एकमात्र नेट हाउस है जो कि इस केंद्र में लगाया है। इसके अलावा यहां पर दो पॉली नेट हाउस बनाए गए हैं जो पॉलिथीन सीट व नेट को मिलाकर बनाया गए है। इसमें ऊपर पॉलिथीन व नेट लगाया गया है, पॉलिथीन बारिश को और नेट कीड़े मकोड़ाें से बचाव करता है। इसमें लाल, पीली व हरी शिमला मिर्च तथा बेल वाले टमाटर व खीरे की पौध तैयार की जाएगी।
केंद्र में बनाए गए हैं इंसेक्ट नेट हाउस
इस उत्कृष्ट केंद्र में इंसेक्ट नेट हाउस लगाए गए हैं। इसमें कंक्रीट के बेड बने हुए हैं जो टपका सिंचाई प्रणाली के साथ हर एक पॉलिथीन में एरोड्रिपर के माध्यम से फल वाले पौधे जैसे कीन्नू, मालटा, नींबू, अनार, अमरूद, अंजीर, ड्रैगन व एपल बेर आदि के पौधे तैयार किए जाएंगे। इसमें वॉक इन टेंनल बनाया गया है। यह स्ट्रक्चर पॉलिथीन व पॉलिथीन के नीचे नेट लगाकर एक टनल टाइप का स्ट्रक्चर होता है। इसमें बेल वाले टमाटर, खीरे, तीनों प्रकार की शिमला मिर्च व स्ट्रॉबेरी की खेती होगी। यह टनल पौधे की अत्यधिक सर्दी व गर्मी में पौधे को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। इस सभी स्ट्रक्चरों में ड्रिप इरीगेशन लगाया है।
सिंचाई के लिए बने हैं 62 लाख लीटर के दो वाटर टैंक
केंद्र में एक मदर ब्लॉक भी बनाया जा रहा है। इसमें किन्नू, मालटा के बड़े पौधे तैयार कर उनमें कटिंग व बड लेकर पौधे तैयार किए जाएंगे। इस हाइटेक ग्रीन हाउस में 30 से 40 लाख तक सब्जियों की पौध तैयार की जा रही हैं। यहां पर 20 एकड़ में खजूर, अनार, अमरूद, बादाम, नाशपाती, निंबू वर्गीय फल, बेर, अनार, ड्रैगन फ्रूट व रेड ब्लड माल्टा के पौधों को रोपण किया जा रहा है। सब्जियों व फलों में सिंचाई का प्रबंध सूक्ष्म सिंचाई पद्धति द्वारा किया गया है। केंद्र में 62 लाख लीटर के दो टैंक बनवाए गए हैं व पूरा केंद्र सूक्ष्म सिंचाई से सिंचित किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह केंद्र प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल के प्रयासों से 22 जनवरी 2023 को भारत में इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन व मध्य प्रदेश के किसान कल्याण व कृषि विकास मंत्री कमल पटेल द्वारा किया गया था। करीब 50 एकड़ में बनाए गए इस उत्कृष्टता केंद्र पर 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।
गिगनाऊ में बनाए जा रहे बागवानी के एक्सीलेंस सेंटर किसानों की समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगा। प्रदेश में बागवानी के लिए कई गुणा बजट बढ़ाया गया है। अब वो दिन दूर नहीं जब हरियाणा के किसानों के उत्पाद अमेरिका व दूसरे देशों में भेजे जाएंगे। वर्ष 2030 तक 17 लाख एकड़ बागवानी का क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
-जेपी दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, हरियाणा।