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तीन बार विश्व विजेता बॉक्सर साक्षी अब देंगी भारतीय सेना में सेवाएं

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बॉक्सर साक्षी ढांडा अपने माता-पिता व भाई के साथ। विज्ञप्ति - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। गांव धनाना की बेटी मुक्केबाज साक्षी ढांडा को हाल ही में भारतीय सेना ने हवलदार और हरियाणा सरकार ने सरकारी कोच की नौकरी का प्रस्ताव भेजा है। साक्षी ने इनमें से भारतीय सेना की नौकरी पर अपनी स्वीकृति देने का फैसला लिया है। वे फिलहाल एशियन चैंपियनशिप में प्रतिनिधित्व करने के लिए जॉर्डन गई हैं, जहां से लौटने के बाद वे सेना में ज्वाइन करेंगी। वहीं, परिजनों व कोच ने इस प्रस्ताव में खुशी जाहिर की है।
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साक्षी के पिता मनोज ने बताया कि उनकी बेटी को हरियाणा सरकार की ओर से सरकारी कोच और भारतीय सेना की ओर से हवलदार की पोस्ट के लिए नौकरी का प्रस्ताव आया है। साक्षी और परिजनों ने सेना में हवलदार की नौकरी करने के लिए मन बनाया है। साक्षी जब वर्ष 2018 में यूथ की चैंपियन बनी थी, उस दौरान भारतीय रेलवे की ओर से सीनियर क्लर्क की पोस्ट के लिए नौकरी का प्रस्ताव दिया था। उसने पढ़ाई जारी रखने के लिए नौकरी के प्रस्ताव को मंजूर नहीं किया था। अब परिजनों व अपने कोच से चर्चा करने के बाद उसने सेना में नौकरी करने का मन बनाया है।
वर्ष 2012 में शुरू किया था मुक्केबाजी में सफर
जिले के गांव धनाना की बेटी साक्षी ढांडा ने वर्ष 2012 में द्रोणाचार्य अवॉर्डी जगदीश कोच के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी में अभ्यास शुरू किया था। साक्षी कम समय में बेहतरीन उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों में से एक है। वे तीन बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है। वर्ष 2015 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2017 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, वर्ष 2018 में यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी विशेष पहचान बनाई। फरवरी 2021 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। वे तीन बार राष्ट्रीय चैंपियन और बेस्ट महिला मुक्केबाज रह चुकी है। साक्षी ने ओलंपिक क्वालिफाई के लिए चीन में भाग लिया था और हाल ही में जॉर्डन में एशियन चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया।
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घर और खेत में बंटाती है माता-पिता का हाथ
साक्षी के पिता मनोज कुमार गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि उनकी मां शीला देवी गृहिणी हैं। वहीं उनके छोटे भाई अमन कुमार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट हैं। साक्षी ने हाल ही में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी से शारीरिक शिक्षा विषय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है। उनके पिता ने बताया कि साक्षी अपने अभ्यास से समय निकालकर घर और खेत के काम में भी उनकी मदद करती है।
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साक्षी ढांडा होनहार मुक्केबाज है। उसने हर बार रिंग में अपने प्रतिद्वंद्वी को अपने कौशल से हराया है। साक्षी ओलंपिक 2024 के लिए लगातार रिंग में अभ्यास कर रही है। हमें पूर्ण विश्वास है कि वह ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगी और 2024 में देश के लिए पदक लेकर आएंगी। सेना में रहकर भी मुक्केबाजी का अभ्यास जारी रहेगा। सेना की ओर से मिला प्रस्ताव सराहनीय है। इससे खिलाड़ियों को हौसला मिलता है।
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- कोच जगदीश सिंह, द्रोणाचार्य अवॉर्डी।
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