भिवानी। अब गांव के सरपंच ई-टेंडरिंग से निराश नहीं होंगे, बल्कि तेजी से गांवों का विकास होगा। अब सरकार से ग्राम पंचायतों के 50 फीसदी बजट खर्च की बंदिश हटाने के साथ ही 21 लाख तक के कार्य अपने स्तर पर कराए जाने के अधिकार मिलने से बड़ी राहत मिली है।
गांवों में अब नवनिर्माण से लेकर किसी भी स्तर पर मरम्मत कार्य के लिए ग्राम पंचायत तत्काल प्रस्ताव पास कर काम शुरू करा सकेगी, उन्हें ई-टेंडरिंग का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार के इस निर्णय से भिवानी जिले में भी ग्राम पंचायतों में तेजी से विकास कार्य होंगे। अब ग्राम चौपालों की हालत सुधार से लेकर गली निर्माण, किसी भी सार्वजनिक कार्य के लिए भवन निर्माण जैसे कार्य बिना ई-टेंडरिंग के जरिए ग्राम पंचायत को कराने की छूट मिल गई है।
पहले कोई भी ग्राम पंचायत अपना बजट का केवल 50 फीसदी बजट ही किसी प्रोजेक्ट पर संबंधित अधिकारी की अनुमति के बाद ही खर्च कर पाती थी, इसमें भी ग्राम पंचायत को पांच लाख से अधिक के कार्य ई-टेंडरिंग से कराने अनिवार्य थे, लेकिन अब ग्राम पंचायत 21 लाख तक के कार्य अपने स्तर पर कराएगी और इसमें 50 फीसदी बजट किसी प्रोजेक्ट पर खर्च की करने की बंदिश से निजात मिलेगी।
अब पंचायती राज विभाग ऐसे कार्य ही कराएगा। जिसमें हरियाणा सरकार की तरफ से ई-टेंडरिंग की शर्त रहेगी, जबकि बाकी कार्य जो 21 लाख के दायरे में आते हैं। ग्राम पंचायतें जरूरत के हिसाब से प्रस्ताव पास कर कभी भी करा सकेगी। इसका एक फायदा ये होगा कि ग्राम स्तर पर विकास कार्याें में अब तेजी आएगी। क्योंकि अधिकांश ग्राम पंचायतों को तो ई टेंडरिंग की वजह से ही काम कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
जिले में 123 ग्रामीण चौपालों की सुधरेगी सात करोड़ 26 लाख के बजट से हालत
ग्राम पंचायत अब अपने स्तर पर जिले में 123 ग्रामीण चौपालों की हालत सुधार कराएगी। इसके लिए हरियाणा सरकार की तरफ से सात करोड़ 26 लाख 65 हजार रुपये का बजट भी ग्राम पंचायतों के खाते में डाला जा चुका है। ये बजट ग्राम पंचायत अपनी सहूलियत और जरूरत के हिसाब से खर्च कर ग्रामीण चौपालों की हालत सुधरवाएगी। क्योंकि काफी सालों से बजट के इंतजार में ग्रामीण चौपालों का निर्माण अधर में लटका हुआ है। मगर अब ये कार्य ग्राम पंचायत को कराने में किसी तरह की अड़चन नहीं होगी।
बरसाती पानी की निकासी से लेकर कच्ची गलियों को भी कराएंगी ग्राम पंचायतें पक्का
ग्राम पंचायतें गांव में बरसाती और गंदे पानी की निकासी के मसौदों को अब बिना देरी के शुरू करा सकेगी। वहीं कच्ची गलियों को भी पक्का कराया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों के पास अब अधिकार क्षेत्र बढ़ने के साथ ही कार्यों के संबंध में भी छूट मिल गई है। हालांकि ग्राम पंचायतें 16 प्रकार के कार्य करा सकती हैं, इसमें से अधिकांश काम विभाग की अनुमति और ई-टेंडरिंग पर निर्भर रहते थे।
हरियाणा सरकार ने ग्राम पंचायतों के अधिकार क्षेत्र और कार्य कराने के दायरे को बढ़ा दिया है। इसका नोटिफिकेशन आ चुका है। ग्राम स्तर पर पंचायतें अब तेजी से विकास कार्य कराएंगे और जिन ग्राम पंचायतों के पास पंचायती फंड में पैसा है, उसका सदुपयोग भी हो सकेगा। जबकि पंचायती राज विभाग गांवों में शिवधाम और कच्ची फिरनी को पक्का कराने का काम ही ई टेंडरिंग के माध्यम से कराएगी। भिवानी जिले में करीब सभी ग्राम पंचायतों में छोटे काम चल रहे हैं, जिन्हें तेजी से पूरा कराया जाएगा।
- प्रवीण बजाज, एसडीओ, पंचायती राज विभाग भिवानी।