भिवानी में अपनी मांगों का पत्र उपायुक्त को सौंपने जाते आरओ का पानी बेचने वाले।
भिवानी। कैंपर आरओ प्लांट संचालकों ने जिला प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के विरोध में सोमवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। आरओ संचालकों ने एसडीएम व उपायुक्त से मुलाकात की। लेकिन सकारात्मक जवाब न मिलने के बाद आरओ संचालकों ने आंदोलन का ऐलान करते हुए मंगलवार से पानी की सप्लाई न दिए जाने का फैसला लिया। साथ ही शहर में प्रदर्शन किया जाएगा।
आरओ संचालकों का आरोप था कि सर्विस सेंटर, टैंकरों से पानी की बर्बादी की जा रही है। लेकिन वे लोगों के घरों तक पानी की सप्लाई दे रहे है, लेकिन प्रशासन उनको बंद करवाना चाह रहा है। शहर के तीन आरओ प्लांट संचालकों को नोटिस जारी करने के विरोध में सभी आरओ संचालक उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उपायुक्त उनको खिलाफ कार्रवाई न करने की गुजारिश की। जिस पर उपायुक्त ने भूमि से पानी निकाले जाने की अनुमति लेने की बात कही। इस पर आरओ संचालकों ने बताया कि आज तक उनको यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि वे भूमिगत पानी लेने के लिए किस विभाग से सम्पर्क करें। अगर वे सिंचाई विभाग से अनुमति लेने के लिए जाते है तो उनको पब्लिक हेल्थ विभाग में भेज दिया जाता है और वे पब्लिक हेल्थ में जाते है तो वहां बताया जाता है कि उनके पास इस तरह से कोई अनुमति देने की हिदायत नहीं है।
आरओ संचालकों ने बताया कि वे ऐसी स्थिति में कहां जाए। इस पर उपायुक्त ने कहा कि वे 15 मई के बाद आरओ प्लांट संचालकों को नोटिस जारी करके उनको सील करने की कार्रवाई करेंगे। उसके बाद सभी आरओ संचालकों को एसडीएम के पास भेज दिया। एसडीएम की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
सभी प्लांटों को रखेंगे बंद
उपायुक्त व एसडीएम की तरफ से सकारात्मक जवाब न मिलने के बाद सभी आरओ संचालकों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि वे मंगलवार को अपने सभी आरओ प्लांटों को बंद रखेंगे। किसी भी इलाके में पीने के पानी के कैंपर नहीं रखे जाएंगे। साथ ही इससे पूर्व सभी आरओ संचालक नेहरू पार्क में एकत्रित होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। इसी दौरान फैसला लिया जाएगा कि वे आरओ प्लांटों को बंद रखेंगे या फिर जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन अख्तियार करेंगे। आरओ संचालकों ने बताया कि वे भूमिगत पानी निकालते हैं, लेकिन बर्बाद नहीं करते। वे लोगों के घरों तक पानी की सप्लाई दे रहे हैं, जबकि शहर में अनेक जगहों पर वाहनों को धुलवाने के लिए सर्विस सेंटर लगे हुए हैं। जो पानी की बर्बादी कर रहे हैं। उनको अभी तक नहीं रोका व टोका जा रहा है।