भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में आगामी शिक्षा सत्र से नौंवी से बारहवीं कक्षा तक पाठ्यक्रम, प्रश्नपत्र डिजाइन, सैंपल पत्र और विस्तृत मूल्यांकन को लेकर सुधारीकरण के लिए प्रभावशाली कदम उठाए जा रहे हैं। इसी को लेकर शुक्रवार को शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर बोर्ड से जुड़े 45 विषय विशेषज्ञों के कार्यों की मुख्य संसाधन व्यक्तियों द्वारा समीक्षा की गई।
बोर्ड की ओर से लागू किए जा रहे सुधारीकरण कार्यक्रम तीन चरण में पूरा होगा। दूसरे चरण में 21 मार्च और तीसरे चरण की समीक्षा 24 मार्च को होगी। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ वीपी यादव ने की। बोर्ड मुख्यालय पर आयोजित समीक्षा बैठक में बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रो जगबीर सिंह, बोर्ड सचिव कृष्ण कुमार, मुख्य संसाधन व्यक्ति डॉ नवीन कुमार पिपलानी उप कुलसचिव इंदिरागांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर, डॉ शालिनी यादव प्रधानाचार्य राव अभय सिंह कॉलेज रेवाड़ी, डॉ राहुल कांत प्रधानाचार्य एएम कॉलेज ऑफ एजुकेशन रेवाड़ी, डॉ मुदिता वर्मा पूर्व विभागाध्यक्ष राजकीय कॉलेज हिसार मौजूद रहे।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कक्षा 9वीं से 12वीं की पाठ्यचर्या में गुणात्मक सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने बारे विषय विशेषज्ञों से विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड पूर्व में अपनाए जा रहे पाठ्यक्रम में सकारात्मक सुधार कर रहा है ताकि बच्चे भविष्य मेें गुणात्मक शिक्षा पा सकें। इसके अतिरिक्त उन द्वारा आज की कक्षा कक्ष में अध्यापन प्रक्रिया को अध्यापक के माध्यम से ओर अधिक सरल एवं तर्कशील बनाने की दिशा में अहम कदम उठाने पर जोर देने को कहा गया है। इससे विद्यार्थियों में पठन-पाठन की क्रिया को समझकर आगे बढ़ने में सकारात्मक सहयोग मिल सके। कार्यक्रम में अंकन योजना को चरणबद्ध तैयार करके बोर्ड की अगली परीक्षाओं में अनिवार्य रूप से लागू करने पर भी जोर दिया गया।
बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह ने उम्मीद जताई गई कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाने वाला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड देश का पहला बोर्ड होगा। बोर्ड सचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि अध्यापन के साथ-साथ विद्यार्थियों का मूल्यांकन सही प्रकार से करने पर ही बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है।