भिवानी। शहर के संकरे बाजारों में आग से सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं है। व्यवसायिक संस्थानों ने भी अपने स्तर पर कोई प्रबंध नहीं किए हैं, न प्रशासन ने ऐसे प्रबंधों की यहां जरूरत समझी है। वहीं बिजली के तार भी यहां सड़कों पर नीचे लटक रहे हैं। त्योहारी सीजन में यहां रोजाना ही करोड़ों का कारोबार होता है। अगर हल्की सी चिंगारी भी यहां भड़की तो बड़ा हादसा हो सकता है। क्योंकि दमकल विभाग के पास सिर्फ एक ही छोड़ी गाड़ी है, जबकि बड़ी दमकल गाड़ी संकरे बाजार में नहीं आ सकती है।
शहर के बिचला बाजार में सबसे बड़ा कपड़ा कारोबार होता है। इसके अलावा यहां इलेक्ट्रॉनिक्स सहित रेडिमेड का भी बड़ा व्यापार है। दुकानों के आगे भी बिजली तारों के अंदर ही व्यवस्था आपस में उलझी है। जिसे सुलझाने की तरफ निगम ने भी अभी कोई कदम नहीं उठाया है। भिवानी में अग्निशमन एवं आपातकालीन विभाग के पास नौ बड़ी गाड़ी और एक छोटी गाड़ी है। इसके अलावा दो बुलेट बाइक भी हैं।
चार गाड़ी सिवानी में हैं, इसमें एक छोटी दमकल गाड़ी है। लोहारू में एक दमकल गाड़ी है। भिवानी के सराय चौपटा बाजार से किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र, बिचला बाजार, कपड़ा बाजार, बर्तन बाजार में बिजली तारों का भी घना जाल फैला है। तारों के जंजाल की पहेली को न तो यहां निगम सुलझा रहा है न ही यहां प्रशासन व्यवस्था बना रहा है।
दुकानदार भी सिर्फ अपने कारोबार तक सिमटे हैं, उन्हें यहां आग से सुरक्षा के मानकों की भी कोई फिक्र नहीं है। अग्निशमन एवं आपातकालीन विभाग से शहर के बाजार में एक भी व्यवसायिक संस्थान से कोई एनओसी नहीं है न ही आग से सुरक्षा के कोई मानक पूरे किए गए हैं। आग लगने पर जब तक दमकल आती है तब तक व्यवसायिक प्रतिष्ठान में लाखों का नुकसान हो जाता है। जबकि अग्निशमन प्रबंध में कुछ हजार ही खर्च करने पड़ते हैं।
बिजली निगम की शहरी फीडरों पर कई योजनाओं के तहत काम चल रहे हैं। शहर के बाजारों में लोहे के खंभे बदलने और बिजली तारों को व्यवस्थित बनाए जाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। जल्द ही बाजारों में बिजली तारों के जाल से मुक्ति दिलाई जाएगी।
-विकास यादव, कार्यकारी अभियंता सिटी डिविजन भिवानी।
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शहर के बाजारों में किसी भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान के पास फायर सेफ्टी संबंधी एनओसी नहीं है। बाजारों में निरीक्षण के दौरान सभी संस्थानों को फायर सेफ्टी प्रबंध पूरे किए जाने के निर्देश दिए गए हैं, मगर छोटे सिलिंडर लगाए हुए हैं, जो नाकाफी हैं। दमकल के सभी मानक पूरे किए जाने अनिवार्य हैं। कोई हादसा होता है तो बड़ा नुकसान होता है। इससे बचने का एक ही विकल्प आग से सुरक्षा के प्रबंध होने चाहिए।
-याशीन खान जिला दमकल अधिकारी भिवानी।