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Bhiwani News: विधायक बोले, जलप्रलय का रौद्र रूप देख कांप उठा कलेजा

Wed, 12 Jul 2023 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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कुल्लु में एक घर में खुद को ठंड से बचाने के लिए अलाव सेंकते ​विधायक बिशंबर वाल्मीकि।
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बवानीखेड़ा (भिवानी)। बवानीखेड़ा से भाजपा विधायक बिशंबर वाल्मीकि मनाली से कुल्लू जाते समय तेज बारिश और भूस्खलन के बीच नौ जुलाई को फंस गए थे। बड़ी मुश्किल से बुधवार को दोपहर बाद वे कुल्लू से चंडीगढ़ सुरक्षित पहुंच पाए। लोगों की दुआओं के कारण ही लौट पाया। उन्होंने आपबीती सुनाते हुए बताया कि जहां ठहरे हुए थे उस होटल का एक हिस्सा जलप्रलय में बह गया। वृद्धाश्रम की आधी बिल्डिंग भी सैलाब में गायब हो गई। जीवन में पहली बार बाढ़ का रौद्र रूप और डरावनी आवाजें सुनकर कलेजा भी दहल उठा।
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विधायक बिशंबर वाल्मीकि मनाली से कुल्लू जाते समय तेज बारिश और भूस्खलन के बीच नौ जुलाई को फंस गए थे। तीन दिन तक किसी से कोई संपर्क नहीं रहा। विधायक बिशंबर वाल्मीकि ने बताया कि आठ जुलाई को शादी समारोह में शिरकत करने रात को बारिश के मौसम में ही मनाली पहुंच गए थे। रात को वह मनाली में व्यास नदी के पास बने होटल में ठहरे थे। रात को भारी बारिश के कारण व्यास नदी में पानी की मात्रा बढ़ने लगी। अगले दिन उनको वापस आना था। क्योंकि 11 जुलाई को उड़ीसा के पुरी में एक कार्यक्रम में पहुंचना था।
विधायक ने बताया कि नौ जुलाई रविवार शाम को मनाली से कुल्लू के लिए जा रहे थे। रास्ते में ही अचानक भारी बारिश शुरू हो गई और भूस्खलन से हाईवे बह गया। उनकी आंखों के सामने छह वोल्वो बस बह गई। दूल्हे के लिए सजाई गई सफारी तक बह गई। होटल का एक हिस्सा ढह गया और वृद्धाश्रम की आधी बिल्डिंग भी सैलाब में बह गई। टॉवर गिर गए। बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और नेटवर्क टूट गया।
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सुनील के घर ली शरण, झरने का पानी पिया
बिशंबर ने बताया कि लोग बचाव के लिए पहाड़ के ऊपर की ओर भागते चले गए। वह भी अपने पीएसओ व ड्राइवर के साथ मनाली के ऊपरी हिस्से की ओर पहाड़ियों की तरफ बढ़ चले, जहां पर सालिन गांव में सुशील शर्मा नामक व्यक्ति के घर शरण ली। रविवार रात करीब 10 बजे उसी गांव में ठहरे और तीन दिन तक वहीं रहे। बिजली गुल होने के कारण मोबाइल चार्ज नहीं हो पाया और लोगों से संपर्क टूट गया। पेयजल की किल्लत बनी तो उन्होंने झरने का पानी पीना पड़ा।
दस किलोमीटर पैदल चले, सात हजार में किराये पर की टैक्सी
उन्होंने बताया कि चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा था और आगे का मार्ग नहीं सूझ रहा था। मंगलवार रात्रि करीब आठ बजे नंगे पांव ही संकरे व तंग मार्ग से आठ से 10 किलोमीटर कुल्लू की तरफ चल पड़े। इसके बाद बाणपुल से आगे कुल्लू ( करीब 38 किलोमीटर) के लिए सात हजार रुपये में एक टैक्सी किराये पर ली। इसके बाद कुल्लू पहुंचे और वहां प्रशासन को भी मामले से अवगत करवाया। बुधवार सुबह सात बजे गाड़ी किराये पर लेकर चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए। रास्ते में बारिश में जाम के कारण वे बुधवार करीब शाम चार बजे चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह अपनी गाड़ी वहीं छोड़ आए। विधायक ने बताया कि पैदल चलने के कारण उनके पांव में छाले व दर्द हो रहा है। विधायक का कहना है कि लोगों की दुआओं से सुरक्षित पहुंच गए हैं।
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