भिवानी। अपने दोस्त के बेटे की बारात में शहर की जाट धर्मशाला में आए राजस्थान पुलिस के हेड कांस्टेबल का गाड़ी में अपहरण कर उसकी सुनसान जगह पर ले जाकर बिंडों से बेरहमी से पिटाई की गई। गंभीर रूप से घायल हेड कांस्टेबल को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल दाखिल कराया। उसके सिर में छह टांके आए हैं। वहीं दोनों हाथों और पांवों में बिंडों से हमले की गंभीर चोटें आई हैं। वारदात की सूचना मिलते ही जयपुर से उनके परिजन भी भिवानी पहुंचे। वहीं शहर थाना पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कर इस संबंध में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।
वारदात की सूचना मिलने के बाद भिवानी पहुंचे जयपुर निवासी संदीप चौधरी ने बताया कि उनके रमेश कुमार (55) राजस्थान पुलिस में बतौर हेड कांस्टेबल कार्यरत हैं। उनकी पोस्टिंग जयपुर है। रविवार को उसके पिता गांव केहरपुरा से अपने दोस्त के बेटे की बारात में शामिल होने के लिए भिवानी की जाट धर्मशाला में यहां आए थे। रविवार देर रात करीब साढ़े 12 से एक बजे के बीच जब उनके पिता खाना खाने के बाद अपनी गाड़ी को देखने के लिए धर्मशाला से बाहर आए तो एक युवक ने उनसे कहा कि कोई दूल्हे की गाड़ी के गुलाब का फूल तोड़ रहा है। इस पर वे उस युवक के साथ वहां पहुंचे तो दूल्हे की गाड़ी के समीप एक सफेद रंग की गाड़ी खड़ी थी, जिसके अंदर पहले से ही एक युवक बैठा था। इसी दौरान बाहर खड़े युवक ने उसे धक्का देकर जबरन गाड़ी के अंदर धकेल दिया और फिर गाड़ी चलाकर दोनों उसे भीम स्टेडियम मार्ग पर ले गए।
जहां भीम स्टेडियम से श्याम बाग की तरफ जाने वाले सुनसान रास्ते पर गाड़ी रोककर उसे नीचे उतारा और गाली गलौज करने के साथ ही दोनों ने उसके पिता की बेरहमी से कस्सी के बिंडों से पिटाई शुरू कर दी। आरोपियों ने उसके पिता रमेश कुमार को इतनी बेरहमी से पीटा की इसी दौरान उनके बिंडे भी टूट गए और वहां बिंडे भी छोड़ कर दोनों भाग गए। राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल ने हिम्मत नहीं हारी और दोनों युवकों से छुड़वाकर पहले तो आरोपियों के गाड़ी के शीशे तोड़ और उन पर लपका तो दोनों युवक वहां से गाड़ी में भाग गए। लहूलुहान हालत में राजस्थान पुलिस का हेड कांस्टेबल सदर पुलिस थाना में देर रात एक बजे पहुंचा। जहां से पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया। सोमवार सुबह परिजन और पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वारदात स्थल पर खून से सनी हेड कांस्टेबल की टोपी और खून से सने टूटे हुए बिंडे भी बरामद हुए। शहर थाना पुलिस ने आसपास के इलाके में सीसीटीवी कैमरों की भी तलाश की जिससे की दोनों हमलावरों तक पहुंचा जा सके।
हेड कांस्टेबल का मोबाइल फोन भी गायब
सोमवार सुबह परिजन और पुलिस वारदात स्थल पर हेड कांस्टेबल का मोबाइल फोन भी तलाश रही थी, जो नहीं मिला। वहीं खून से सनी टोपी मिल गई। आसपास काफी खून बिखरा पड़ा था, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अज्ञात हमलावरों का हैडकांस्टेबल के साथ काफी देर तक संघर्ष हुआ है। रमेश कुमार के बेटे संदीप चौधरी ने बताया कि उनके पिता ने कमांडो ट्रेनिंग की हुई थी, इसलिए दोनों हमलावरों के बिंडों से ताबड़तोड़ हमलों के बाद भी हिम्मत नहीं हारी तो दोनों गाड़ी में बैठकर भाग गए। इस दौरान उनका चश्मा भी गिर गया था, इसलिए वे ज्यादा कुछ नहीं समझ पाए। संदीप चौधरी ने बताया कि हमलावर कौन थे उसका कभी उनसे कोई वास्ता नहीं पड़ा था। हमलावरों का क्या मकसद था यह भी अभी नहीं पता चला है।
राजस्थान पुलिस के हेड कांस्टेबल के साथ हुई वारदात की सूचना थाने में दी गई थी। पुलिस इस संबंध में सीसीटीवी कैमरों की तलाश कर रही है। वहीं घायल के बयान दर्ज कर इस संबंध में पुलिस आगामी कार्रवाई करेगी। वारदात स्थल से टूटे हुए बिंडे और खून से सनी टोपी बरामद हुई है।
-सुरेश कुमार इंचार्ज शहर थाना पुलिस भिवानी।