बवानीखेड़ा (भिवानी)। नगर पालिका के चुनाव नजदीक होने के चलते कस्बे में चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। मतदाता कयास लगाने लगे हैं कि इस बार नगर पालिका के प्रधान का ताज किसके सिर पर होगा। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी चुनाव की तारीख निर्धारित नहीं की है, वहीं वर्तमान अध्यक्ष का कार्यकाल 31 मई को समाप्त होने जा रहा है। अब कस्बा की सरकार मात्र 10 दिन की मेहमान रह गई है।
गौरतलब है कि कस्बे की नगर पालिका 1974 में अस्तित्व में आई थी और उस समय यह नोटिफाइड कमेटी एरिया थी। इसे बाद में पूर्ण कमेटी का दर्जा दिया गया था। नगर पालिका का कार्यालय मोरवाली हवेली में था। इसके अध्यक्ष व पार्षद सरकार द्वारा मनोनीत थे। स्वर्गीय लालारामकरण दास यहां के पहले अध्यक्ष बने थे। बताते हैं कि उस समय मात्र सात पार्षद थे। वर्तमान में नगर पालिका में 15 वार्ड हैं और 15725 मतदाता हैं। इससे पूर्व पांच वर्ष पहले 15 वार्डों में 13564 मतदाता थे जो इस बार 2161 बढ़ गए हैं। इस बार नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव अलग तरीके से होगा। मतदाता पार्षद व चेयरमैन के लिए एक साथ दो बार मतदान करेंगे। पहले केवल पार्षद के लिए मतदान होता था और पार्षद ही चेयरमैन चुनते थे। लोगों में नए चेयरमैन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। 1974 से अब तक चार बार नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर अनुसूचित जाति समुदाय, दो बार वैश्य समुदाय, एक बार राजपूत समुदाय, एक बार पंजाबी समुदाय और एक बार ब्राह्मण समुदाय से प्रधान बना है। इस बार नगर पालिका अध्यक्ष का पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने की संभावना बनी है। प्रधान पद के चुनाव को लेकर कस्बे में पिछले कई दिनों से एक पूर्व प्रधान प्रतिनिधि व वर्तमान पार्षद अपने आप को उम्मीदवार मानकर लोगों से संपर्क साधे हुए हैं। वहीं करीब 15 दावेदार ड्रा के इंतजार में हैं। ड्रा होने के बाद ही वे आगामी रणनीति तय करेंगे। वहीं पिछड़ा वर्ग के भी दो-तीन लोगों ने चेयरमैन चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह तो समय ही बताएगा कि बवानीखेड़ा के नगरपालिका चेयरमैन का ताज किसके सिर पर सजेगा।
नगर पालिका के वर्तमान चेयरमैन व पार्षदों का कार्यकाल 31 मई को समाप्त हो रहा है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को लिखित में सूचना भेज दी है।
- संदीप कुमार, सचिव नगर पालिका, बवानीखेड़ा।
हमारा कार्यकाल 31 मई को समाप्त होने जा रहा है। मुझे कस्बे के विकास के लिए बहुत थोड़ा समय, मात्र 10 माह ही मिल पाया।विषम परिस्थितियों के बावजूद करीब 8 करोड़ के विकास कार्य का पैसा जारी करवाया। यदि ओपन वर्ग या अनुसूचित वर्ग में चेयरमैन का चुनाव हुआ तो चुनाव लडूंगा।
- रमेश काजल चेयरमैन, नगर पालिका, बवानीखेड़ा।