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Bhiwani News: मौसम की छाई पहली धूंध, वाहनों की रफ्तार पर लगा ब्रेक

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लघु सचिवालय मार्ग पर छाई धूंध के बीच लाइटों के सहारे अपने गंतव्य को जाते वाहन चालक। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। जिले में सोमवार को मौसम की पहली धुंध छाई, जिसके कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गए। धुंध की वजह से दृश्यता पांच से 10 मीटर तक रही। इससे सड़कों पर बड़े वाहन रेंगते हुए चले। वहीं भिवानी-हांसी मार्ग पर प्रेमनगर पर समीप सोमवार सुबह बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिडंत हो गई। इस सड़क हादसे में दोनों ही वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही हादसे में कोई अधिक घायल नहीं हुआ।
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सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियम से लुढ़कर 20.0 डिग्री दर्ज हुआ, न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री से 6.1 डिग्री दर्ज हुआ है। जबकि शहर का एक्यूआई 280 दर्ज हुआ है। सोमवार सुबह 10 बजे के बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। जबकि नौ बजे दृश्यता 15 मीटर, आठ बजे 10 मीटर, सात बजे पांच मीटर, जबकि छह बजे महज दो से तीन मीटर रही। पांच बजे चारों तरफ धुंध ही धुंध रही।
सोमवार को दिनभर ठंडी हवाएं चलीं, जिसकी वजह से एकाएक ठंड का असर तेज हो गया। सुबह सवेरे और रात को धुंध होने लगी है। ठंड और धुंध फिलहाल फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। अधिक ठंड होने के कारण लोग गर्म कपड़े पहने नजर आएं। वहीं मौसम में हुए परिवर्तन के कारण चिकित्सकों ने बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और शाम के समय घर के अंदर रहने की सलाह दी, ताकि वे बीमारियों से बच रहे।
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बदलते मौसम से बढ़ा बीमारियों का संक्रमण
सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही बीमारियों का संक्रमण बढ़ा जा रहा है। इन दिनों खांसी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हृदय रोगियों के लिए भी ठंड का मौसम काफी नुकसानदायक साबित हो रहा है। अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार के रोजाना 200 से अधिक तो हृदय रोग के 50 से 70 मरीज उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। जबकि अस्पताल में जीवन रक्षक दवाइयों के साथ ही 40 से अधिक तरह की दवाइयां खत्म हो चुकी है।
फसलों के लिए धुंध फायदेमंद, किसानों के चेहरे खिले
इस सीजन की पहली धुंध गिरने से किसानों के चेहरे खिले हैं क्योंकि फिलहाल अच्छे उत्पादन के लिए फसलों को धुंध की जरूरत है। ऐसे में धुंध के साथ सुबह-सवेरे फसलों पर जमने वाली ओस की बूंद उनकी बढ़वार में मदद कर रही है। वहीं किसान गेहूं में पहली और सरसों की दूसरी सिंचाई करने में जुटे हैं। सोमवार को सुबह और शाम की ठंड के साथ ही दोपहर में भी मौसम ठंडक भरा रहा। ऐसे में तापमान में आई गिरावट की वजह से फसल का सूखेपन से बचाव होगा और उत्पादन भी बढ़ेगा।
एक सप्ताह के तापमान की जानकारी
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
19 दिसंबर 20.0 6.1
18 दिसंबर 23.1 6.9
17 दिसंबर 23.4 6.5
16 दिसंबर 23.0 6.7
15 दिसंबर 23.4 8.7
14 दिसंबर 23.3 9.0
13 दिसंबर 24.5 9.5
धूंध गिरने से गेहूं, सरसों सहित चना की फसल में काफी फायदा होगा। किसान अपनी फसल में सिंचाई जारी रखें और आवश्यकता के अनुसार उर्वरक डालें। बेवजह किसी भी कीटनाशक स्प्रे का छिड़काव करने से परहेज करें।
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- डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक।
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