भिवानी। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ साथ उद्यमशील बनाने की जरूरत है ताकि वो स्वयं का रोजगार और स्टार्टअप अप शुरू कर सकें। नवाचार और स्टार्ट अप से ही आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न साकार होगा। यह बात हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो टंकेश्वर कुमार ने विश्वविद्यालय के 11वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि इस बदलते दौर में हमें नई तकनीक के मुताबिक कुशल हो स्वयं को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमताओं को पहचानें। युवा स्वरोजगार और स्टार्ट अप शुरू कर अन्य लोगों के लिए रोजगार सृजन करें। इस अवसर पर कुलपति दीप्ति धर्माणी ने कहा कि चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय ने अपने गठन के मात्र 10 वर्षों में खेल, शिक्षा,अनुसंधान एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में नए कीर्तिमान स्थापित कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग ही पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य सामाजिक और स्थानीय समस्याओं का हल अनुसंधान एवं शिक्षा के माध्यम से निकलना तथा बेहतर प्रशिक्षण एवं उचित प्लेटफार्म उपलब्ध करवा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि हम विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस को एक सप्ताह तक विभिन्न शृंखलाबद्ध कार्यक्रमों के रूप में मना रहे हैं। जिसके तहत अब तक लगभग दो हजार पौधे परिसर में लगा चुके हैं। प्रात:कालीन सत्र में पुराने परिसर में योगाभ्यास कार्यक्रम के दौरान महंत राजनाथ महाराज ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर से प्रो. राकेश सहगल, जीआईएफ से शाहिद अब्बास मीर, बौधा टेक पोर्ट से डॉ. नीरज पंत ने विद्यार्थियों को इनक्यूबेशन के माध्यम से अपना स्टार्ट अप कैसे शुरू करें, उसकी स्कीमों, सीएसआर, फंडिंग, निधि योजना, एमएसएमई और मुद्रा लोन योजना के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर प्रो. एसके कौशिक, प्रो. सुरेश मलिक, प्रो. सोनू मदान, प्रो. वीके जैन, प्रो. रविप्रकाश, डॉ. अश्वनी, डॉ. स्नेहलता, डॉ. लक्खा सिंह, डॉ. मोनिका, सहायक कुलसचिव रेखा जांगड़ा, सहायक कुलसचिव बलजीत शर्मा एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। संवाद