भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में तैनात एक चिकित्सक पर मरीज की एमएलआर नहीं काटने और मरीज व उसके साथ आए युवक के साथ अभद्र व्यवहार कर हाथापाई और फोन छीनने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत सिविल सर्जन को दी गई।
इसके हस्तक्षेप के बाद पीड़ित की करीब 20 घंटे बाद एमएलआर काटी गई। इस मामले की सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं आरोपी चिकित्सक ने भी अस्पताल परिसर की चौकी में पीआई दर्ज कराते हुए मरीज और उसके साथ आने वालों पर अभद्रता करने और आपातकालीन विभाग में हंगामा करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, गांव आसलवास निवासी धर्मबीर ने बताया कि वह गांव के सरकारी स्कूल में बतौर चौकीदार है। बुधवार देर शाम को स्कूल परिसर में गांव के ही कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट कर दी। धर्मबीर पहले जूई और फिर कैरू अस्पताल में पहुंचा था। लेकिन वहां कोई चिकित्सक नहीं मिला। इसके बाद धर्मबीर जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचा। यहां पर तैनात चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार देना तो दूर एमएलआर काटने से भी साफ इन्कार कर दिया। इसके बाद उसके साथ आए युवक का भी चिकित्सक ने फोन छीन लिया और उसके साथ अभद्रता की।
धर्मबीर का कहना है कि चिकित्सक भी उन्हीं के गांव का है। वहीं आपातकालीन विभाग में ही आरोपी पक्ष के लोग भी पहुंच गए और उन पर समझौता का भी दबाव बनाया गया। धर्मबीर का आरोप है कि करीब 20 घंटे तक उसकी एमएलआर नहीं काटी गई। इसके बाद मामले की शिकायत सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य को दी।
सीएमओ ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए तत्काल दखल दिया जिसके बाद उसकी एमएलआर काटी गई। वहीं इस मामले की पीएमओ को भी कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए हैं। इसके बाद ही मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेजकर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। वहीं चिकित्सक ने भी अस्पताल परिसर की पुलिस चौकी में पीआई भेजकर मरीज व उसके साथ आए युवक पर अभद्रता करने व कार्य प्रभावित करने का आरोप लगाया।
मेरे संज्ञान में ऐसा मामला आया है। धर्मबीर की तरफ से शिकायत मिली है। जिस पर पीएमओ को कमेटी बनाकर जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं पीड़ित की एमएलआर काटी गई है। मैंने पहले भी स्पष्ट किया हुआ है कि कोई भी चिकित्सक किसी भी मरीज की एमएलआर काटने से इंकार नहीं करेगा। मरीज अपनी कहीं पर भी एमएलआर कटवा सकता है।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।