भिवानी। जून में शहरवासियों को पानी की राशनिंग से निजात नहीं मिलेगी। जून के अंतिम पखवाड़े में भी शहरी दायरे की कॉलोनियों को एक दिन छोड़ एक दिन पानी मिलेगा। ये व्यवस्था इसलिए की गई है, क्योंकि पुराना जलघर में बने दो नए पानी के टैंक इस बार भी नहीं भर पाएंगे।
इन टैंकों को पानी से लबालब भरने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास पूरे संसाधन ही नहीं हैं। नहरों में पर्याप्त पानी मिलने के बावजूद भी ये टैंक हर बार खाली ही रह जाते हैं। अगर इन दो टैंकों को पूरा भर दिया जाए तो फिर 22 दिन बिना राशनिंग आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जून के अंतिम पखवाड़े में पेयजल आपूर्ति के शेड्यूल को राशनिंग से ही जारी रखने का निर्णय लिया है। राशनिंग में करीब आधा जून तो बीत चुका है, मगर अब बाकी बचे दिनों में भी शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन ही पानी की आपूर्ति मिलेगी। पुराने जलघर के अंदर सात पानी के टैंक हैं। इसमें से दो नए टैंक चार पुराने टैंकों को तोड़कर बनाए गए हैं।
ये पानी के टैंक करीब ढाई से तीन मीटर गहरे हैं। जबकि जमीन से करीब आठ से दस फूट ऊंचे हैं। जबकि पुराने टैंक भूमि में करीब दस फूट तक गहरे हैं। भूमि की गहराई में बने टैंकों तक तो नहरी पानी आसानी से पहुंच रहा है, लेकिन नए टैंकों के साइफन तक भी पानी नहीं आ पा रहा है। इसकी एक वजह नहरों में पानी का स्तर कम होना है दूसरा पंपिंग स्टेशन की क्षमता का नहीं बढ़ना है। नहरों पर लगी मोटरें करीब दस किलोमीटर दूर तक भूमिगत पाइपों के जरिए पुराने जलघर टैंकों तक इस प्रेशर से पानी नहीं पहुंचा पा रही हैं कि ये नए टैंक लबालब भर सकें।
संसाधन बढ़ाने की योजना बना रहा है जनस्वास्थ्य विभाग
जनस्वास्थ्य विभाग पुराने जलघर के टैंकों को नहरी पानी से भरने के लिए मित्ताथल हेड पर बने पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहा है। वहां पर करीब 40 लाख की लागत से दो ढाई-ढाई सौ एचपी की बड़ी मोटरें लगाई जानी हैं, जबकि पुरानी मोटरों को भी चालू हालत में रखा जाएगा। नहर से पानी का भंडारण के लिए पंपिंग स्टेशन के पास ही स्टोरेज टैंक भी बड़ा होगा। हालांकि इस कार्य योजना को मंजूरी मिलने और काम पूरा होने में करीब छह से नौ माह लग सकते हैं। इस दौरान इन दोनों नए टैंकों को भरने की उम्मीद तो कतई नहीं है।
शहरी दायरे में पानी की आपूर्ति जून में नियमित होने की संभावना कम है। पहले की तरह राशनिंग से ही पानी की आपूर्ति को अभी जारी रखा जाएगा। पुराने टैंक भर चुके हैं, लेकिन नए टैंकों के अंदर पानी का भंडारण बहुत कम हुआ है। विभाग पंपिंग स्टेशन पर भी मोटरों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
-तेजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।