भिवानी। बैप्टिस्ट चर्च विवादित भूमि प्रकरण में अब आरोपी निलंबित तहसीलदार रवींद्र कुमार से स्टेट विजिलेंस की एसआईटी पूछताछ में जुटी है। तहसीलदार ही इस प्रकरण से जुड़े आरोपियों के नामों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका के राज खोल सकता है। अब तक गिरफ्तार हुए लोगों की विवादित भूमि की बिक्री में जालसाजी से फर्जी कागजात तैयार कराने और जमीन खरीददारों के जरिये तहसीलदार तक सौदेबाजी के करोड़ों रुपयों को पहुंचाने की भूमिका ही उजागर हो पाई है, जबकि सौदेबाजी में कौन-कौन हिस्सेदार था और किस-किस से इस प्रकरण के तार जुड़े थे, अभी खुलासा नहीं हुआ है। इस प्रकरण में शक की सुई एक आईएएस अधिकारी की तरफ भी घूम रही है, लेकिन ये सब तो एसआईटी द्वारा भूमिका खंगालने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
भिवानी शहर के हांसी गेट क्षेत्र में 12342 वर्गगज बेशकीमती भूमि बैप्टिस्ट चर्च मिशनरी सोसायटीज की है। करीब 100 करोड़ कीमत की विवादित भूमि को भिवानी तहसील कार्यालय में सांठगांठ कर एक करोड़ 72 लाख रुपये में बिक्री किए जाने का प्रयास किया जा रहा था। इसमें तहसीलदार की गिरफ्तारी के बाद एक करोड़ 20 लाख रुपये की रिश्वतखोरी और सौदेबाजी भी सामने आई है। एसआईटी की पूछताछ में आरोपी सुमेर घणघस द्वारा विवादित जमीन की सौदेबाजी में रुपयों के लेन-देन की भूमिका सामने आई है। जबकि आरोपी सोनीपत के पुट्ठी निवासी जलजीत मलिक उर्फ आशीष इस प्रकरण में विवादित भूमि का खरीददार था। सुमेर घणघस ने ही निलंबित तहसीलदार रवींद्र कुमार मलिक तक एक करोड़ 20 लाख रुपये पहुंचाने की बात पूछताछ में कबूली है। अब आरोपी निलंबित तहसीलदार रवींद्र कुमार से एसआईटी पूछताछ में जुटी है। एसआईटी के रडार पर अब पांच से छह आरोपी भी हैं, जिनकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इन आरोपियों की तलाश में भी एसआईटी जुटी है।
सुमेर घणघस और जलजीत मलिक का रिमांड पूरा, फिर भेजे दोनों जेल
बैप्टिस्ट चर्च विवादित भूमि प्रकरण में एसआईटी ने आरोपी सुमेर घणघस और जलजीत मलिक उर्फ आशीष को पूछताछ के बाद शनिवार को भिवानी न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें फिर जिला कारागार भेजा गया है। सुमेर घणघस और जलजीत की गिरफ्तारी भिवानी की आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने की थी, लेकिन एसआईटी को केस सुपुर्द होने के बाद इनका दो दिन का रिमांड लेकर पूछताछ की गई थी। इसके बाद ही इस प्रकरण में आरोपी निलंबित तहसीलदार रवींद्र कुमार मलिक की एसआईटी ने गिरफ्तारी की थी। फिलहाल रवींद्र मलिक से एसआईटी दो दिन के रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में जुटी है।
भिवानी में है बैप्टिस्ट चर्च मिशनरी सोसायटीज की अरबों की संपत्ति
बैप्टिस्ट चर्च मिशनरी सोसायटीज की भिवानी में अरबों की संपत्ति है। मिशनरी के पदाधिकारी इंग्लैंड में हैं। लेकिन सोसायटी के मनोनित कुछ पदाधिकारी दिल्ली में रहते हैं। जो भिवानी में अरबों की संपत्ति पर खुद को केवल केयरटेकर की हैसियत से निगरानी और रखरखाव का जिम्मा उठाए हुए हैं। हालांकि भिवानी के नया बाजार में चर्च घर भी है। इसकी निगरानी के लिए लोकल कमेटी भी बनी है। बैप्टिस्ट मिशनरी का सेशन हाउस, स्कूल, पुराना होस्टल और कब्रिस्तान भी है। इस अरबों की संपत्ति पर भी कब्जाधारियों व नटवरलालों की बुरी नजर है।
एसआईटी की पूछताछ के बाद शनिवार को आरोपी जलजीत मलिक और सुमेर घणघस को भिवानी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला कारागार भेजा गया है। इस मामले में आरोपी निलंबित तहसीलदार रवींद्र मलिक से पूछताछ जारी है। इस मामले में अभी पांच से छह लोगों की गिरफ्तारी भी बाकी है, जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- सुमित कुमार, इंचार्ज एसआईटी एवं डीएसपी विजिलेंस विभाग।