बवानीखेड़ा। गांव सुमड़ा खेड़ा में चुनाव की घोषणा के बाद सरपंच बनाए जाने को लेकर ग्रामीणों में हलचल शुरू हो गई है और बैठकों का दौर जारी हो चुका है। खंड बवानीखेड़ा के 33 गांव में सबसे छोटे गांव में से सुमड़ा खेड़ा की गिनती होती हैं यहां की आबादी 12 सौ और 700 मतदाता है। गांव में तीन बिरादरियों के लोग आपसी भाईचारे से रहते हैं। करीब 45 वर्ष पहले बवानीखेड़ा का ही हिस्सा होता था। उस समय बवानीखेड़ा कस्बे में नगर पालिका नहीं थी और बवानीखेड़ा भी एक गांव था। सुमड़ा खेड़ा बवानीखेड़ा एक ही वार्ड था और यहां से एक पंच बनता था। करीब 45 वर्ष पहले जब गांव की नई पंचायत बनी तो सर्वसम्मति से स्व. प्रताप सिंह पूनिया को गांव का पहला सरपंच चुना गया था। इसके बाद वर्ष 1992 में स्वर्गीय सुभाष चंद्र श्योराण को भी सर्वसम्मति से सरपंच चुना गया था। गांव में चाहे चुनाव हुए हो या सर्वसम्मति से सरपंच बना हो लोगों ने आपसी भाईचारे की एक मिसाल कायम की है। इसी का परिणाम है कि गांव में लोग कभी थाना तहसील नहीं जाते और आपसे छोटे-मोटे झगड़े को भाईचारे में बैठकर सुलझा आते हैं। इस बार गांव में पिछड़ा वर्ग ए से सरपंच पद का पद आरक्षित है और पिछड़ा वर्ग से यहां मात्र एक बिरादरी ही रहती है हालांकि निवर्तमान सरपंच भी जनरल सीट पर पिछड़ा वर्ग से ही बनाया गया है।
ग्रामीण बताते हैं कि गांव में सरपंच कोई भी बने भाईचारा बना रहता है। सरपंची को लेकर मनमुटाव नहीं होते हैं। इस बार पिछड़ा वर्ग में एक जाति होने से कुछ ग्रामीण चाहते हैं कि सर्वसम्मति से सरपंच बन जाए। वहीं कुछ चाहते हैं कि चुनाव होने चाहिए। इस बात को लेकर ग्रामीणों में बैठकों का दौर जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ माह से सरपंच न होने से गांव में गोशाला का काम अधूरा पड़ा है वहीं कुछ गलियां कच्ची पड़ी है तो गांव में सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है। गांव में गंदा पानी निकासी के लिए एक नाला बनाया जाने की आवश्यकता है।
------------------
गांव में बिना जनप्रतिनिधि के गांव में विकास कार्य लंबित पड़े हैं। सरपंच बने तो गांव में विकास कार्य भी होंगे।
-जोरा सिंह
----------
बिना पंच सरपंच के गांव में कोई कार्य नहीं हो पाता। गांव में सही तरीके से सफाई नहीं हो पाती। गंदे पानी की निकासी के लिए गांव में नाले का निर्माण होना आवश्यक है। सरपंच बनेगा तो गांव में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
-धर्मबीर सिंह फौजी।
------------
गांव में बिना जनप्रतिनिधि के कोई कार्य नहीं बन पाता। मैं चाहता हूं कि इस बार गांव में सहमति से सरपंच बनाया जाए। सर्व समिति से बनाए गए सरपंच विकास कार्यों को तवज्जो देगा ।
-सुरेंद्र वर्मा।
---------------
सुमरा खेड़ा गांव एक परिवार की भांति है। इस बार पिछड़ा वर्ग ए के लिए सरपंच का पद आरक्षित है और गांव में पिछड़ा वर्ग से सिर्फ एक ही बिरादरी रहती है। मैं चाहता हूं कि गांव मिलकर सर्वसम्मति से सरपंच बनाने का निर्णय लें।
-मनफूल वर्मा, एडवोकेट।
-----------------------
सरपंच कोई भी बने गांव में भाईचारा बना रहना चाहिए। मैं चाहती हूं कि गांव में ऐसा व्यक्ति सरपंच बने जो सभी वर्गों को साथ लेकर चले। विकास कार्य करवाए।
-तारा देवी।
-------------
गांव में सरपंच न बनने से विकास नहीं हो पा रहा था अब ग्रामीणों को सरपंच बनने पर एक नई उम्मीद जगी है। गांव में सरपंच बनेगा तो गांव में विकास कार्य भी तेजी पकड़ेंगे। मैं चाहता हूं कि ऐसा व्यक्ति सरपंच के पद पर आसीन हो जो सभी को साथ लेकर चले व बिना किसी भेदभाव के गांव में विकास कार्य करवाए।
- ओमप्रकाश पूनिया
------------