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Bhiwani News: किसी विषय से मध्य सत्र के दौरान कभी भी निकल सकते हैं विद्यार्थी

Sun, 09 Jun 2024 05:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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प्रदीप सिलवाल
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भिवानी। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा प्रणाली में जो बदलाव किया गया है उसमें सबसे अहम है कि अब किसी भी विषय में विद्यार्थियों का आना और जाना लगा रहेगा। अर्थात अगर कोई विद्यार्थी किसी भी कॉलेज में किसी भी विषय में दाखिला ले रहा है और वह एक साल बाद अगर किसी कारणवश उसे यह छोड़ना पड़े तो वह छोड़ सकता है। अगर उसका फिर इस विषय में दाखिला लेने का मन करे तो वह दाखिला भी ले सकता है।
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शिक्षा प्रणाली में जो बदलाव हुआ है उसमें एक बदलाव यह भी है कि अगर कोई विद्यार्थी कला संकाय के पहले सेमेस्टर के बाद किसी भी कारणवश बीच सत्र में छोड़ कर जाना चाहता है तो जा सकता है। उस दौरान उसे कॉलेज या यूनिवर्सिटी की तरफ से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसी प्रकार अगर वह इस विषय में दो साल पढ़ाई कर लेता है और उसके बाद छोड़ना चाहता है तो छोड़ कर जा सकता है। ऐसी स्थिति में यूनिवर्सिटी की तरफ से विद्यार्थी को डिप्लोमा मिलेगा। जब वह तीन साल इस विषय में पूरा कर लेता है तो उसे डिग्री मिलेगी। आना और जाना बदलाव की वजह से विद्यार्थियों को बहुत लाभ होगा। नई शिक्षा प्रणाली के तहत यह प्रावधान दिया गया है कि अगर कोई विद्यार्थी कला, विज्ञान या कंप्यूटर से पढ़ाई कर रहा है और वह तीन साल की पढ़ाई होने के बाद एक साल और पढ़ता है तो उसे ऑनर्स की डिग्री मिल जाएगी।





अनेक प्रविष्टि


अनेक प्रविष्टि में अगर कोई विद्यार्थी बीए, बीकॉम या साइंस और कंप्यूटर के विषय को छोड़कर चला जाता है। इसकी वजह कुछ भी हो सकती है चाहे वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में लग जाए या कोई काम करने लग जाए या घर में कोई आर्थिक दिक्कत हो। इसके बाद जब उसे लगता है कि वह आगे पढ़ाई जारी करना चाहता है तो वह उसी कॉलेज से दोबारा उसमें दाखिला लेकर आगे पढ़ सकता है। फिर अगर उसके दिमाग में आता है कि वह विज्ञान में ही आगे पढ़ना चाहता है तो फिर वह इसके लिए एकल प्रमुख विषय को चुनेंगे।
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नई शिक्षा नीति के तहत विषय में आना और विषय से जाना वाले प्रावधान से विद्यार्थियों को बहुत लाभ होने वाला है। पहले जहां विद्यार्थी किसी कारणवश विषय से निकल जाते थे या छोड़कर चले जाते थे। पर बाद में जब उनका पढ़ने का मन होता था तो उन्हें फिर से शुरू से शुरुआत करनी पड़ती थी। यानी कि पहले सेमेस्टर से शुरू करना पड़ता था। नई शिक्षा प्रणाली नीति के तहत वह फिर से इस सेमेस्टर में दाखिल हो सकता है, जिसमें छोड़कर गया था। इससे उन बच्चों को भी लाभ होगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं या फिर घर की आर्थिक स्थिति को ठीक करने के लिए कोई काम करना चाहते हैं।
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-प्रदीप सिलवाल, नोडल ऑफिसर, महाराजा नीमपाल राजकीय महाविद्यालय भिवानी।
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