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Bhiwani News: विद्यार्थी बसों के पायदान पर कर रहे घर से शिक्षण संस्थान तक का सफर

Mon, 20 Nov 2023 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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कैरू। विद्यार्थी घर से शिक्षण संस्थान तक बसों के पायदान पर जोखिम भरा सफर कर रहे हैं। स्कूल या कॉलेज से घर वापसी का सफर भी कठिनाइयों से कम नहीं है। थोड़ी सी लापरवाही से जान भी जा सकती है। भले ही प्रशासन पर्याप्त बसों के दावे करता हो लेकिन प्रतिदिन सुबह साढ़े आठ बजे जब भिवानी से बहल की रोडवेज बसें गांव देवराला के बस स्टैंड पर पहुंचती है तो वहां पर विद्यार्थियों व दैनिक यात्रियों को पैर रखने तक की जगह भी नहीं मिलती है।
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विद्यार्थी अपनी जान जोखिम में डालकर पायदान पर खड़े होकर सफर करते हैं। करीब 250 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए बहल जाते हैं। इन विद्यार्थियों का सफर केवल एक ही बस के सहारे हैं। ग्रामीण रूट की बसें क्षमता से अधिक सवारियां ढो रही हैं।
छात्र पवन, रविश, जवनेश, कमल, अनुज, रितु, तन्नु, कल्पना, निल, रोहित, सुनील का कहना है कि शिक्षण संस्थान व घर जाने की मजबूरी में छात्राओं को भी लटक कर सफर करना पड़ता है। अधिकारियों को अधिक बस चलानी चाहिए ताकि विद्यार्थी सही समय पर बिना परेशानी के संस्थान में पहुंच सकें। देवराला आईटीआई के छात्र छात्राओं का कहना कि देवराला की आईटीआई बस स्टैंड से एक किलोमीटर दूर है। परिवहन चालक आईटीआई के आगे बस नहीं रोकते हैं इसलिए पैदल जाना पड़ता है।
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विद्यार्थी सबसे ज्यादा जोखिम में : लाला



देवराला के फोर डब्ल्यू युवा क्लब के सदस्य संदीप लाला व जीएन वाल्मिकी का कहना है कि गांव लोहानी से लेकर बिधनोई गांवों के ज्यादातर विद्यार्थी देवराला व बहल आईटीआई में जाते हैं। छात्राएं राजकीय कन्या काॅलेज कैरू में जाती हैं। इतना ही नहीं काफी बार तो पढ़ने आने वाली बेटियां भी बस के पायदान पर खड़े होकर या लटक कर सफर करने को विवश हो जाती हैं। सुबह से समय बसों में अधिक भीड़ रहती है। एक बस अतिरिक्त चले तो जोखिम भरा सफर से निजात मिल सकती है।

ग्रामीण रूटों पर बसों की पर्याप्त व्यवस्था कराई गई है। जहां से भी अतिरिक्त बस की डिमांड आ रही है, वहां बसों की व्यवस्था करा रहे हैं। विद्यार्थियों को सुबह घर से कॉलेज स्कूल ले जाने और दोपहर बाद वापस घर छोड़ने के लिए रूटों पर पर्याप्त बस हैं।
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- डॉ. नेत्रपाल खत्री, डिपो महाप्रबंधक, भिवानी।
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