भिवानी। लिपिकों की करीब एक पखवाड़े से हड़ताल जारी है। तहसील कार्यालयों में भूमि की रजिस्ट्रियों के काम ठप पड़े हैं। वहीं, जिले में करीब 2500 से अधिक चालक लाइसेंस के मामले लंबित हैं। रोजाना भिवानी तहसील में सौ से अधिक रजिस्ट्रियों का काम भी बंद पड़ा है। वीरवार को हड़ताली लिपिकों ने शहर में प्रदर्शन कर कृषि मंत्री आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन भी भेजा।
लिपिकों की बेमियादी हड़ताल का असर तहसील और उपमंडल कार्यालयों पर भी असर डाल रहा है। हड़ताल के कारण लिपिकों की सीटें खाली हैं। ऐसे में लोग भी अपने जरूरी कार्यों को लेकर चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। भिवानी तहसील कार्यालय में रोजाना ही भूमि की रजिस्ट्री से जुड़े सौ टोकन दिए जा रहे हैं, मगर एक भी टोकन पर रजिस्ट्री नहीं हो रही है। क्योंकि आरसी सहित अन्य कर्मी हड़ताल पर हैं। इसी तरह ई-दिशा केंद्र की दिशा भी बुरी है, यहां तैनात कर्मी भी हड़ताल पर गए हैं। इसकी वजह से लोगों को ऑनलाइन सेवाओं का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हड़ताली कर्मियों ने किया शहर में प्रदर्शन
सर्व कर्मचारी संघ के बैनरतले लिपिक संगठनों ने वेतन की मांग को लेकर शिक्षा बोर्ड परिसर में नौवें दिन भी हड़ताल जारी रही। लिपिकों का एक धड़ा एक पखवाड़े से लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठा है। हड़ताली कर्मियों ने प्रदर्शन कर कृषि मंत्री आवास का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। हड़ताली कर्मियों का नेतृत्व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संगठन के प्रधान सतबीर स्वामी ने किया। प्रांतीय कोषाध्यक्ष मा. सुखदर्शन सरोहा ने कहा कि मिनिस्ट्रीयल स्टाफ कर्मियों की मांग वाजिब है। सरकार इसे शीघ्र पूरी करे। हड़ताली कर्मियों का अखिल भारतीय किसान सभा व सीटू ने भी समर्थन किया। इस अवसर पर मनीष घणघस, कमल सिंह, मनदीप राशिवास, सुशील आलमपुर, कृष्ण रूपाणा, वजीर सिंह, राजकुमार, सोमबीर, सुमन रानी, नरेंद्र दिनोद, अंजू, वर्षा, उपमा, मुकेश नागपाल, पिंकी, ज्योति, कविता मौजूद रहे।