भिवानी। पौधे लगाने में तो सरकारी व सामाजिक संगठन तत्परता दिखा रहे हैं, लेकिन इन पौधों के संरक्षण करने वाले हाथ कमजोर पड़ गए हैं। यही वजह है कि हर साल रोपित होने वाले करीब 60 फीसदी पौधे तो अपने जीवन का पहला चक्र भी पार नहीं कर पाते और दम तोड़ देते हैं। अकेला वन विभाग सामाजिक संगठनों व स्कूली बच्चों के साथ मिलकर करीब छह लाख पौधों को रोपित कराता है, लेकिन इसके बावजूद भी आबोहवा में सुधार नहीं आ रहा है। गर्मी की शुरुआत के साथ ही एक्यूआई 200 के पार पहुंच रहा है, जबकि कोरोना संक्रमण में लगे लॉकडाउन के दौरान एक्यूआई 70 से 80 दर्ज किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय वन दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। सुरक्षित वन ही सुरक्षित कल का आधार है। पृथ्वी पर जीवन चक्र का संतुलन बनाये रखने के लिए वनों का संवर्धन अत्यावश्यक है। आइये आज इस अवसर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित रखने का संकल्प करें। #WorldForestDay
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- Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) 21 Mar 2022
जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार जिले में ज्यादा वन आरक्षित क्षेत्र नहीं हैं, लेकिन अधिकार पौधे रोड कनाल, रेलवे ट्रैक के नजदीक व पहाड़ी क्षेत्र में लगाए जाते हैं। सड़कों के किनारे वन महोत्सव में लगाए जाने वाले पौधे मार्च आते आते सूखने लगते हैं। हालांकि वन विभाग मोबाइल टीमों के जरिए इनकी सिंचाई का भी प्रबंध करते हैं, मगर एक दो मोबाइल टीमें सैकड़ों पौधों की जिंदगी नहीं बचा पाती। इनमें लावारिस पशु भी पौधों के लिए खतरा बने हैं।
वर्ष 2021 में लगाए गए छह लाख पौधे
वन विभाग ने वर्ष 2021 में छह लाख पौधे लगाए गए। दो लाख 36 हजार पौधे नहरों, सड़कों के किनारे, सरकारी भवनों, पुलिस थानों सहित अन्य सरकारी संस्थाओं में लगाए गए। विभाग ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों को दो लाख 13 हजार पौधे दिए। जिलेभर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को 76300 पौधे वितरित किए हैं। पौधरोपण के साथ ही उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी भी बच्चों को ही दी गई है। इसी तरह वन विभाग ने शहरी क्षेत्र में वर्ष 2021 में ढाई हजार पौधे लगाए। इनमें से प्रेमनगर स्थित सीबीएलयू के निर्माणाधीन भवन में 1500 पौधे और तोशाम शहर में एक हजार पौधे रोपित किए गए। अब तक सरकारी विभाग और बिक्री के हिसाब से 92500 पौधे वितरित किए गए।
March 21 is observed worldwide as the International Day of Forests. (Video Credit: High Commission of India, Kuala Lumpur)
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- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 21 Mar 2022
वर्ष 2020 में लगाए 4.40 लाख पौधे
वन विभाग ने 2020 में जिलेभर में 4.40 लाख पौधे लगाए थे। इनमें से विभाग ने जिलेभर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को 1.20 लाख पौधे वितरित किए। विभिन्न सरकारी विभागों में 1.30 लाख पौधे दिए और इसी तरह ग्राम पंचायतों को 1.90 पौधे वितरित किए थे। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी उन्हें ही दी थी।
भूमिगत जलस्तर में गिरावट भी बनी पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा
मौसम बदलाव के साथ साथ भूमिगत जलस्तर का लगातार नीचे चला जाना भी पर्यावरण के लिए खतरे का संकेत है। इससे न केवल मानव आबादी पर बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि पर्यावरण का स्वरूप भी लगातार बिगड़ रहा है। जिले के तीन खंड तो डार्क जोन में शामिल हैं, इनमें लोहारू, बहल और कैरू क्षेत्र शामिल है।
पौधरोपण के साथ ले संरक्षण की जिम्मेदारी : लोकेश
साल भर में विभिन्न जगहों पर कई बार पौधरोपण किया जाता है, मगर उन पौधों को एक बार लगाने के बाद उनकी देखभाल नहीं की जाती। इसकी वजह से काफी पौधे नष्ट हो जाता है। इसके अलावा अनेक जगहों पर पेड़ों की कटाई भी की जाती है। एक बड़े पेड़ की कटाई की पूर्ति एक हजार छोटे पेड़ भी नहीं कर पाते है। ऐसे में सभी लोग अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए पौधरोपण के साथ ही उनका संरक्षण भी करें। संस्था की ओर से अबतक 3500 पौधे लगाए हैं, जिनमें से 3450 जीवंत अवस्था में है। इसके अलावा संस्था की ओर से पौधरोपण अभियान भी चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक कार्यकर्ता को पौधे के लालन-पालन की जिम्मेदारी भी दी जाती है। - लोकेश भिवानी, संस्थापक, स्टैंड विद नैचर।
वन आरक्षित क्षेत्र में हर साल नए पौधे लगाए जा रहे हैं, इसके अलावा स्कूली बच्चों व किसानों को भी मुफ्त पौधे हर साल बांटे जा रहे हैं। हमारा प्रयास रहता है कि जो पौधे रोपित किए गए हैं, उनका संरक्षण भी मजबूती से हो। इसलिए वन विभाग ने बच्चों द्वारा घरों में पौधे रोपित कर उनका संरक्षण व पोषण करने पर प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया हुआ है। - जितेंद्र अहलावत, जिला वन मंडल अधिकारी भिवानी।