खरक। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी के हालिया फैसलों को वापस लेने, मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में न्यायसंगत सुधार करने तथा एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में संशोधन की मांग को लेकर खरक कलां बस स्टैंड पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 12वें दिन भी जारी रहा। यूजीसी रोल बैक संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे आंदोलन को आसपास के गांवों, सामाजिक संगठनों और खाप पंचायतों का समर्थन मिल रहा है। आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए शनिवार को कलिंगा गांव में समिति के बैनर तले पंचायत आयोजित की गई। इसमें सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और मांगों के समर्थन में आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया। पंचायत की अध्यक्षता अमरू पाना के सरपंच प्रतिनिधि रमेश ने की। रमेश ने कहा कि यूजीसी के हालिया फैसले और एससी-एसटी एक्ट के मौजूदा प्रावधान युवाओं के हितों के खिलाफ हैं। इस अवसर पर अधिवक्ता रतन, अशोक परमार, रोहित परमार, सुकेंद्र फौजी, राजमोहन परमार, इंद्राज परमार, सोनू परमार, अश्विनी जांगड़ा, प्रधान प्रजापत और टीटू प्रजापत मौजूद रहे।