भिवानी। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े लगभग 590 करोड़ रुपये के गबन और साल 2022 में भिवानी नगर परिषद के एक्सिस बैंक घोटाले से समानता बताते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा ने जांच की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), चंडीगढ़ और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) हरियाणा को पत्र लिखा है। शहर थाना भिवानी में 9 मार्च 2022 को दर्ज प्राथमिकी में आरोप थे कि नगर परिषद के तत्कालीन चेयरमैन और अधिकारियों ने एक्सिस बैंक के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी धन का गबन किया। यह मामला एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में आया और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने इसकी जांच शुरू की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से केस दर्ज किया। सुशील वर्मा का कहना है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला भिवानी नगर परिषद के एक्सिस बैंक घोटाले से काफी हद तक मिलता-जुलता है। इसलिए जांच एजेंसियां दोनों मामलों के बीच संभावित समानताओं की भी जांच करें। संवाद