दरअसल, एक वोडाफोन आइडिया कंपनी के अधिकारियों ने अपनी वेरिफिकेशन के दौरान भिवानी और चरखी दादरी क्षेत्र में करीब 350 से अधिक सिमकार्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी किए हुए पाए। इनकी कंपनी ने अपने स्तर पर पहचान की और फिर इस संबंध में फर्जी दस्तावेजों पर सिमकार्ड हासिल करने वालों के संबंध में पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी।
कंपनी के अधिकारियों ने अपनी शिकायत में हवाला दिया कि भिवानी क्षेत्र में चार सिम कार्ड की वेरिफिकेशन की गई तो पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम से ये सिमकार्ड जारी किए गए हैं, उसकी करीब चार साल पहले मौत हो चुकी है। वहीं इसी तरह अन्य नंबरों की जांच पर चरखी दादरी क्षेत्र में भी करीब 45 सिमकार्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी किए पकड़ में आए। कंपनी के अधिकारियों ने इस मामले की गहनता से पड़ताल कराई तो भिवानी और चरखी दादरी इलाके में करीब 350 से अधिक फर्जी दस्तावेजों पर सिमकार्ड जारी होने की आशंका जताई गई है। जिस मामले में शिकायत भिवानी पुलिस अधीक्षक को दी गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर पुलिस थाना में फर्जी दस्तावेजों पर सिमकार्ड जारी कराए जाने के मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। मामले की जांच कर रहे साइबर पुलिस थाना के जांच अधिकारी एएसआई विजय सिंह ने बताया कि एसपी के निर्देश पर इस संबंध में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की तहकीकात में लगी है।