जूई के श्मशान घाट में श्रमदान करते ग्रामीण।
जूई (भिवानी)। जूई खुर्द व जूई बिचली के साझे रामबाग श्मशान घाट को हरा-भरा बनाने के लिए ग्रामीणों ने सराहनीय पहल की है। अंतिम संस्कार में शामिल प्रत्येक व्यक्ति दिवंगत व्यक्ति की याद में दो मिनट श्रमदान करेगा। इसके साथ ही मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए उसकी याद में परिवार की तरफ से एक पौधा लगाने व उसकी देखभाल करने का फैसला किया है। इससे श्मशान घाट में उगे खरपतवार की वजह से अंतिम संस्कार करते समय हो रही परेशानी दूर होगी।
वीरवार को जूई खुर्द के सतबीर महला व भुनेश्वर गिल का निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार में दोनों परिवारों के अलावा गांव के लोग भी रामबाग श्मशान घाट पहुंचे। वहां की हालत देख ग्रामीणों ने नई सोच के साथ श्मशान घाट को स्वच्छ बनाने की शुरुआत की। भविष्य में हर व्यक्ति इस सराहनीय प्रयास को अपना कर्म और धर्म मानकर पूरा करेगा। संवाद
आत्मा की शांति को एक पौधा लगाएगा परिवार
रामबाग में अब छायादार पौधों के अलावा फलों के पौधे भी लगाए जाएंगे। दोनों गावों के ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि गांव में किसी व्यक्ति के अंतिम संस्कार के समय रामबाग में उगे खरपतवार को साफ करने के लिए उपस्थित हर व्यक्ति श्रमदान करेगा। साथ ही मृतक के परिवार के लोग तेरहवीं की रस्म के बाद उस पवित्र आत्मा की शांति के लिए एक छायादार या फलदार पौधा लगा उसकी देखभाल करेंगे। अभियान की शुरुआत करने वाले जूई खुर्द सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह, जूई बिचली सरपंच प्रतिनिधि राजेश लांबा, बीडीसी सुरेंद्र मोरवाल, गोशाला उपप्रधान सोनू सैन, जोगेंद्र गिल, ओमप्रकाश बादल, कर्ण सिंह रापड़िया, लीलू गिल, भगत सिंह ढाका ने श्रमदान की शुरुआत की। मृतक सतबीर महला के पुत्र रवि महला ने कहा कि वे अपने पिता की याद में एक पौधा रस्म अदायगी के बाद जरूर लगाएंगे व उसकी देखभाल भी करेंगे।
पंचायत और गोशाला का भी रहेगा सहयोग
जूई खुर्द की सरपंच मनीता व जुई बिचली सरपंच सुषमा, जूई खुर्द बीडीसी संजय सैन, जूई बिचली बीडीसी सुरेंद्र मोरवाल व जूई गोशाला प्रधान आशीष अग्रवाल ने बताया कि हर इंसान का आखिरी पड़ाव इसी जगह होना है। इसको बेहतर बनाने के लिए ग्रामीणों ने कर्म और धर्म को साक्षी मान इसे अमलीजामा पहनाने का मन बनाया है। पंचायत, गोशाला की तरफ से रामबाग को साफ सुथरा, स्वच्छ व हरा भरा बनाने का हरसंभव पूरा प्रयास किया जाएगा।