भिवानी। हांसी रोड स्थित ईएसआई अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का टोटा है, जिसकी वजह से मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक अव्यवस्थाओं का आलम है। वहीं मरीजों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर भी दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। अस्पताल में लंबे समय से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है और दोपहर 12 बजे के अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में रोजाना उपचार के लिए आ रहे 500 से अधिक मरीज स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से परेशान हैं।
अस्पताल की बिल्डिंग खस्ताहाल है, जिसकी दीवारों में नमी आई हुई है। अस्पताल का मुख्य गेट टूटा पड़ा है और यहां पर पूरा दिन लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता है। पहली मंजिल पर अंधेरा है तो किसी बेड पर चद्दर है किसी पर नहीं। टेबल और पंखों पर धूल जमी हुई है और पार्क में गंदगी का आलम है। ईएसआई अस्पताल की चहारदीवारी भी खस्ताहाल में है। अस्पताल में एक्स-रे मशीन खराब है, जिसके चलते मरीजों को निजी लैब में 200 से 400 रुपये लगाकर जांच करवानी पड़ रही है। दूर-दूर से मरीज आते हैं और उनके स्वास्थ्य के लिए यहां कोई भी सुविधा नहीं है। उन्हें रेफर कर दिया जाता है। मरीजों की माने तो अस्पताल स्टाफ का बात करने का रवैया भी गलत है। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को बेहतर चिकित्सक सुविधाएं नहीं मिल पा रही।
ये बोले मरीज
सोमवार को अस्पताल में पहुंचे दिनेश ने बताया कि वह अपनी मां को हड्डी के चिकित्सक से जांच करवाने के लिए लेकर आया है, लेकिन स्टाफ का व्यवहार संतोषजनक नहीं है। वह खुद भी पहले दांतों का उपचार करवाने आया था, जहां से उसे चिकित्सकों ने गलत रेफर कर दिया। वहीं, गांव खरक खुर्द से आए गजराज परमार ने बताया कि उनकी पुत्रवधू गर्भवती है, जिसका अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए वे अस्पताल में आए हैं अगर दोपहर का एक बजे चुका है अब तक उनका अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ है। अस्पताल के शौचालय की व्यवस्था भी दयनीय है।
अस्पताल में एक्स-रे मशीन खराब हो चुकी है, जिसके बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है। उम्मीद है जल्द ही एक्स-रे मशीन आ जाएगी, जिसके बाद मरीजों की जांच शुरू की जाएगी।
- डॉ. राहुल दीवान, सीएमओ, ईएसआई अस्पताल।