भिवानी (तोशाम)। खनन नगरी खानक में वीरवार को सुरक्षा कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई। इसके बाद पहाड़ में पत्थर ढुलाई का काम शुरू हुआ। कंपनी के आश्वासन पर कर्मचारियों ने नाके पर मोर्चा संभाला, जिसके बाद पत्थर ढुलाई के वाहनों के गेट पास काटे गए। क्रशरों पर भी कच्चा माल पहुंचा।
दरअसल, खानक पहाड़ में खनन कार्य करने वाली एचएसआईआईडीसी कंपनी ने सिक्योरिटी का ठेका प्लाटून सिक्योरिटी कंपनी को दिया हुआ है। ये सुरक्षा कर्मचारी पहाड़ के हर रास्ते पर तैनात हैं और पहाड़ परिसर की भी सुरक्षा कर अवैध खनन पर भी निगरानी रखते हैं। सुरक्षा कर्मचारियों ने कुछ माह से वेतन भुगतान नहीं होने की वजह से काम बंद कर दिया। जिसकी वजह से बुधवार को पूरा दिन कोई भी गाड़ी पत्थर ढुलाई नहीं कर पाई। पत्थर ढुलाई नहीं होने के कारण खनन कंपनी का उत्पादन नहीं हो पाया, जिसकी वजह से सरकार को भी लाखों रुपयों के राजस्व का नुकसान हुआ। वहीं क्रशरों पर भी पत्थर यानी कच्चे माल की आपूर्ति नहीं हो पाई। इसकी वजह से भी क्रशर मालिकों को ऑर्डर की आपूर्ति करने में दिक्कतें आईं। वहीं ढुलाई काम में लगी करीब साढ़े तीन से चार हजार गाड़ियों के मालिकों और चालकों का काम भी ठप रहा। वीरवार को सुरक्षा कर्मचारियों ने अपना काम शुरू किया तो पहाड़ से पत्थर ढुलाई के लिए वाहनों की भी लंबी कतारें लगीं। गेट पास देकर गाड़ियों को अंदर भेजा। वहीं वापस बाहर जाने के रास्ते पर भी सुरक्षा कर्मचारियों ने चेकिंग की।
क्रशर संचालक अनिल जैन ने बताया कि वीरवार को पत्थर ढुलाई का काम शुरू होन से इलाके के करीब 200 क्रशर मालिकों को राहत मिली है। रोजाना ही पहाड़ से करीब 60 हजार टन पत्थर क्रशरों व अन्य साइट तक पहुंचता है। वहीं काम पर लौटने से खनन कार्य करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।