भिवानी। प्रदेश के दूसरे विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया जा चुका है, जबकि सीबीएलयू में अब तक पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में परीक्षाओं में हो रही लेटलतीफी की वजह से विद्यार्थियों पर अब जल्दबाजी में पाठ्यक्रम पूरा करने का दबाव आ गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कॉलेज स्टाफ को विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा करने का नोटिस भी जारी किया है। ऐसे में विद्यार्थियों के साथ टीचिंग स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस पाठ्यक्रम को पूरा करवाने में पांच माह का समय चाहिए उसे सिर्फ दो माह में पूरा करवाने का दबाव आ गया है।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक और गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार के स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं मई के दूसरे और तीसरे सप्ताह में शुरू होने जा रही हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षाओं से संबंधित नोटिस भी जारी किया है। कोरोना संक्रमण का बहाना लेकर पिछले सेमेस्टर की परीक्षाएं देरी से आयोजित की थीं, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों में सभी परीक्षाएं समय पर हुईं।
वहीं सीबीएलयू में स्नातक के पहले, तीसरे और पांचवें, जबकि स्नातकोत्तर के पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं मार्च के दूसरी सप्ताह तक चलीं। ऐसे में अगले सेमेस्टर की कक्षाएं मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू हुईं। इसके बाद अब दो मई से स्नातक के छठे सेमेस्टर के मुख्य व रीअपीयर के फार्म भरने शुरू हो गए हैं, जबकि अन्य सेमेस्टर के फार्म भी मई के तीसरे सप्ताह में शुरू होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में मई के बजाय जून में परीक्षाएं होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। संवाद
अब तक महज 40 फीसदी हुआ पाठ्यक्रम
स्नातक के साथ स्नातकोत्तर के विभिन्न विभागों में अब तक महज 40 फीसदी पाठ्यक्रम पूरा हुआ है। इसमें चार में से एक यूनिट पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरी की पढ़ाई जारी है। इसके अलावा अब रिवीजन और टेस्ट भी शुरू नहीं हो पाए हैं। इसकी वजह से विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से पूरा नहीं कर पा रहे हैं। पाठ्यक्रम पूरा करवाने में प्रति सेमेस्टर 90 कक्षाएं लगाना अनिवार्य है, जोकि करीब पांच माह में ठीक ढंग से लग पाती है।
देरी से परीक्षा होने पर होगी दाखिले में दिक्कत
विश्वविद्यालय के अंतर्गत भिवानी और चरखी दादरी के कॉलेज आते हैं। जहां से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाने करने वाले विद्यार्थियों की परीक्षाएं मई के बाद में होंगी। ऐसे में परीक्षाओं का परिणाम भी देरी से आना स्वाभाविक है। अगर फाइनल ईयर के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम देरी से आता है तो वे आगामी कोर्स में दाखिला नहीं ले पाएंगे, जिसके कारण उनका एक साल खराब हो सकता है। इसके अलावा फाइनल ईयर के विद्यार्थी बिना डीएमसी के नौकरियों के लिए आवेदन भी नहीं कर सकेंगे।
स्नातक छठे सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म के लिए पोर्टल ओपन किया है। करीब 10 से 15 दिन में स्नातकोत्तर सहित स्नातक के अन्य सेमेस्टरों के लिए भी पोर्टल ओपन कर दिया जाएगा। पिछली परीक्षाएं देने से होने के कारण इन परीक्षाओं को शुरू करवाने में देरी हो रही है।
- डॉ. दिनेश गाबा, ओएसडी, परीक्षा नियंत्रक, सीबीएलयू भिवानी