ठंडी हवाओं का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। इसी को लेकर लोग सामान्य खांसी जुकाम और बुखार को भी कोरोना समझ रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने आरटीपीसीआर टेस्टिंग बढ़ा दी है। लेकिन अभी तक कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं आया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी कोरोना की सतर्कता को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें संभावित मरीजों की जांच की ही जाएगी।
ओपीडी में आने वाले मरीजों की आरटीपीसीआर जांच के साथ ही उन्हें यह भी समझाया जा रहा है कि सामान्य मौसमी बीमारी का संक्रमण कोरोना नहीं है। आसपास के जिलों में कोरोना के पॉजिटिव मामले मिलने के बाद भिवानी जिले में भी सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि ओपीडी में विशेष लक्षणों के मरीजों की ही आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है। सर्द हवाओं ने मौसम में ठिठुरन बढ़ा दी है। इससे कई तरह के संक्रमण भी बढ़ गए हैं। ज्यादातर लोग सर्दी की चपेट में आने से अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें मांसपेशियों में जकड़न, सीने में दर्द की शिकायतें भी हो रही हैं। सांस लेने में दिक्कत के मरीज भी आ रहे हैं। वहीं आंखों में जलन भी बढ़ गई हैं। हाथों और पांवों में सूजन आने के भी कुछ मरीज आ रहे हैं। ये संभावित मौसमी बीमारियों से जुड़े लक्षण हैं, ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी तरह की परेशानी में विशेषज्ञ चिकित्सक से ही परामर्श लेने के उपरांत किसी तरह की दवा का सेवन करें। अपनी मर्जी या फिर किसी झोलाछाप से कोई दवा न लें इससे फायदा होने की बजाए नुकसान हो सकता है।
ये रखें सावधानी
- ठिठुरन के दौरान घर से बाहर जाते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
- हमेशा गर्म पानी का सेवन करें और खाली पेट न रहें।
- सुबह की सैर की बजाए शाम को सैर करें।
- खांसी जुकाम होने पर घरेलू नुस्खे अपनाएं या फिर ज्यादा तकलीफ पर चिकित्सक से परामर्श लेकर दवाएं लें।
- लंबे समय तक बुखार रहने पर तुरंत जांच कराएं।
- नियमित रूप से हाथों की सफाई करते रहें।
नागरिक अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आरटीपीसीआर टेस्ट संभावित मरीजों के लिए अनिवार्य किया हुआ है। विभाग लगातार इस पर सतर्कता बरत रहा है। वहीं लोगों को भी संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक कर रहा है। सर्दी के मौसम में हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को भी खास सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही हैं। वहीं विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान भी गांव-गांव जाकर हेल्थ चेकअप किए जा रहे हैं।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।