भिवानी। लाइनों की लीकेज से शहर की सड़कें धंस रहीं हैं। शहरवासी भी पेयजल समस्या से घिरे हैं। जिसका समाधान भी नहीं हो पा रहा है। दूसरे सरकारी विभाग भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्य में अड़चन बन रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शहर में छह से अधिक जगहों पर मुख्य सड़कें और गलियां धंस गई हैं और लाइनों की लीकेज से पीने का स्वच्छ पानी भी व्यर्थ बह रहा है। हालांकि अधिकारी समाधान के नाम पर अब तक लाखों का बजट खर्च कर चुके हैं, मगर फिर भी दिक्कत दूर नहीं हुई हैं।
शहर के कमला भवन, कृष्णा कॉलोनी, जैन चौक और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र पर मुख्य पानी की लाइनें लीकेज हैं, इसके अलावा कई हिस्सों में सीवरेज की लाइनें भी ठप पड़ी हैं, जिसकी वजह से शहर की सड़कें भी धंस रही हैं। शहर में करीब चार दशक पुरानी अधिकांश लाइनों में लीकेज के कारण सर्दी के मौसम में भी लोगों को पीने के पानी की दिक्कतें आ रही हैं। इसी के साथ गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या भी बनी है। सरकारी विभागों में भी आपसी तालमेल नहीं हैं। इनदिनों शहर में सीएचपी की पाइप लाइन डालने का भी काम चल रहा है। वहीं नगर परिषद व अन्य सरकारी एजेंसियां सड़कों का काम करा रही हैं, इस वजह से कई हिस्सों में पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। पानी की लाइन तोड़ने के बाद मौके पर काम करने वाला संबंधित विभाग तो अपने हाथ खड़े कर देता है जबकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सामान और बजट का अभाव बताकर काम लटका देता है। ऐसी व्यवस्था के बीच लोग पिस रहे हैं, जिनके लिए समस्या झेलना मजबूरी बन गया है।
इन हिस्सों में लाइनों की लीकेज नहीं हुई दूर
शहर में बड़ चौक पर पानी की लीकेज बनी है। वहीं शहर के पुराना बस स्टैंड सिविल लाइन थाना के साथ वाली गली में भी पानी की लाइन टूटी है। वहीं कचहरी रोड पर कमला भवन के सामने पुराना हाउसिंग बोर्ड व आदर्श नगर की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है। इसी तरह जिला न्यायालय परिसर रोड पंचायत भवन के सामने भी मुख्य सड़क काफी बार धंस चुकी है। यही हाल कृष्णा कॉलोनी, जैन चौक और शहर के अन्य हिस्सों में बना है, जहां समाधान के नाम पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जगह-जगह गड्ढे खोदकर छोड़ रहा है।
शहर में जिन जगहों पर लाइनों की लीकेज है, उन हिस्सों में काम चल रहा है। कई जगह दूसरे विभागों ने अपने कार्य के दौरान भी पेयजल लाइनों को तोड़ दिया है, उन्हें भी ठीक कराया जा रहा है। शहर के अंदर पुरानी लाइनों को बदला जाना है, जिसका काम अमृत द्वितीय चरण में कराया जाएगा।
-सतीशचंद्र, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।