भिवानी। जिले में सुस्त पड़ी सड़क परियोजनाएं अब तेजी से पूरी होंगी। लोहानी से बहल मार्ग पर देवराला गांव तक सड़क तैयार हो गई है जबकि भिवानी-महम और हांसी-तोशाम मार्ग जीर्णोद्धार का काम भी जल्द पूरा होगा।
इतना ही नहीं नई सड़क परियोजनाओं के मसौदों पर भी पीडब्ल्यूडी अब नए सिरे से मंथन कर इसका खाका तैयार करेगा। नई सरकार के गठन के बाद नए मसौदों के प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजे जाएंगे। फिलहाल जिले में करीब 55 करोड़ के बजट से तीन सड़क परियोजनाओं का काम अंतिम चरण में है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी विभाग लोहानी से बहल तक करीब 25 किलोमीटर लंबाई तक की सड़क का जीर्णोद्धार करा रहा है। लोहानी से गांव देवराला तक सड़क चकाचक हो चुकी है। इस पर करीब 20 करोड़ का बजट खर्च आया है। इसी तरह हांसी-तोशाम मार्ग का काम भी चल रहा है। करीब 16 किलोमीटर दायरे में सड़क का दस करोड़ के बजट से जीर्णोद्धार का काम किया जा रहा है। ये काम भी अब जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
इसी तरह भिवानी-महम मुख्य मार्ग पर भी करीब 17 किलोमीटर दायरे में सड़क चकाचक की गई है। इसमें तारकोल की लेयर से सड़क तैयार हो चुकी है। जबकि भिवानी शहरी दायरे और गांव चांग में आरसीसी पैटर्न पर सड़क अभी तैयार की जा रही है। इसका भी करीब 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है। करीब 25 करोड़ के बजट से ये सड़क तैयार हो रही है। इन सड़क परियोजनाओं पर तय अवधि में ही काम पूरा कराने के लिए अधिकारी निर्माण एजेंसी को कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दे चुके हैं। हालांकि जिले की अधिकांश खस्ताहाल सड़क अब चकाचक हैं।
नगर परिषद की सड़कों की भी जल्द सुधरेगी हालत
हालांकि पीडब्ल्यूडी विभाग अपनी अधिकांश सड़क परियोजनाओं को चुनाव से पहले ही सिरे चढ़ा चुका है। जबकि पीडब्ल्यूडी के दर्जनों संपर्क मार्गों के काम भी करीब पूरे हो चुके हैं। लेकिन नगर परिषद की शहरी दायरे की सड़कों के काम अभी लंबित हैं, जिन्हें जल्द सिरे चढ़ाने में नगर परिषद के अधिकारी जुटे हैं। शहरी दायरे की नगर परिषद की सड़क काफी खस्ताहाल हैं, जिनके जीर्णोद्धार के टेंडर कराकर सिर्फ वर्कऑर्डर ही जारी करने हैं, जिनकी एस्टीमेट और मंजूरी पहले ही हो चुकी है।
पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के चुनाव से पहले ही वर्क ऑर्डर जारी हो चुके थे, जिन पर अब तक निरंतर काम जारी रहा है। तय अवधि में ही इन सड़कों का जीर्णोद्धार का काम पूरा करा दिया जाएगा। सड़कों के नए प्रस्तावों को लेकर भी उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर मंथन होगा। उसके बाद ही इन कार्यों के एस्टीमेट तैयार कराए जाएंगे।
- लोकेश कुमार डागर, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी भिवानी।