स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि भिवानी में श्री चैतन्य टेक्नो विद्यालय नाम से कोई भी स्कूल मान्यता प्राप्त नहीं है। किसी और जगह की मान्यता पर भी स्कूल का संचालन धोखाधड़ी के दायरे में आता है। स्कूल में ही शिक्षण और पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ ड्रेस बेचना मान्यता के नियमों के खिलाफ और गैरकानूनी है। इस विद्यालय पर धोखाधड़ी के तहत कार्रवाई कराने के लिए संगठन ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव को शिकायत भेजी है।
हमने प्रारंभिक तौर पर विद्यालय को अभिभावकों से फीस और ड्रेस के नाम पर धोखाधड़ी करने का नोटिस दिया है। इस पर स्कूल को अपना पक्ष रखना होगा। विद्यालय की मान्यता किस बोर्ड से कब ली गई है, इस संबंध में भी रिकाॅर्ड मंगवाया है। फिलहाल श्री चैतन्य टेक्नो नाम से हमारे रिकाॅर्ड में कोई विद्यालय मान्यता प्राप्त नहीं है।
मैंने इस विद्यालय की मान्यता से जुड़े दस्तावेजों सहित विद्यालय प्रबंधन को मंगलवार को अपने कार्यालय में तलब कर लिया है। स्कूल के पास मान्यता है या नहीं इसका भी भेद खुल जाएगा। यदि कुछ गलत है तो इस पर विभाग कड़ा संज्ञान लेगा।