भिवानी। भिवानी में सबसे पहले 1971 में बने लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज को अब चंद दिन बाद ही तोड़ दिया जाएगा। 52 साल बाद लोहारू रेलवे ओवरब्रिज को तोड़कर नया रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य सितंबर में शुरू होगा। करीब 950 मीटर लंबे रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण रेलवे कराएगी। जिस पर करीब 40 करोड़ के बजट की लागत आएगी।
रेलवे ने पूनिया कंस्ट्रक्शन एजेंसी को कार्य अलॉट किया है। इसके बाद कंपनी ने साइट पर सरिया और अन्य निर्माण सामग्री भी डाल दी है और ऑफिस भी तैयार करा दिया है। साढ़े 700 मीटर लंबे पांच दशक पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज की मियाद पूरी हो चुकी थी और अब यह एक तरफ झुक गया है। इसे पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी कंडम घोषित कर दिया है।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई के दायरे में आने वाला शहर का लोहारू रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का काम सितंबर में शुरू होगा। कंस्ट्रक्शन एजेंसी ही पुराने पुल को तोड़ेगी। फिलहाल रेलवे साढ़े 700 मीटर लंबे पुराने पुल की जगह पर ही अब करीब 950 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराएगी। ढाणी महताब चौक की तरफ रेलवे ओवरब्रिज करीब 100 मीटर आगे तक बढ़ाया जाएगा। जबकि अनाज मंडी छोर की तरफ करीब 85 मीटर आगे तक पुल का दायरा बढ़ेगा। पुराने ओवरब्रिज से नया रेलवे ओवरब्रिज करीब 200 मीटर अधिक लंबा होगा। ये पुल फोरलेन की तर्ज पहले से अधिक चौड़ा भी होगा और बीच में भी डिवाइडर बनेगा। नए पुल का डिजाइन शहर को ट्रैफिक जाम से भी बचाएगा।
आसपास के 15 लोगों को दिए अवैध कब्जे हटाए जाने को लेकर रेलवे ने नोटिस
लोहारू रेलवे ओवरब्रिज का पांच दशक पुराना रेलवे ओवरब्रिज पुरानी इंजीनियरिंग पर आधारित था। लेकिन अब लेटेस्ट तकनीक और इंजीनियरिंग के हिसाब से नया पुल अधिक चौड़ाई का होगा। ऐसे में नए पुल निर्माण के दौरान 15 से अधिक अवैध निर्माण भी आड़े आएंगे। जिनको लेकर रेलवे ने अवैध कब्जे हटाए जाने को लेकर लोगों को नोटिस जारी किए हैं। ये कब्जे रेलवे की भूमि पर किए गए हैं। जिन्हें हटाने के बाद नए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण काम शुरू होगा।
देवसर चुंगी से भी बनाएगा पीडब्ल्यूडी विभाग नया रेलवे ओवरब्रिज
हाईवे के दायरे में आने वाले लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण रेलवे की ओर से कराया जाएगा। जबकि देवसर चुंगी सरकुलर रोड से लोहारू की तरफ जाने वाले रेलवे फाटक पर पीडब्ल्यूडी अलग से दूसरा पुल बनाएगा। ये पुल हाईवे के पुल से अनाज मंडी गेट पर जाकर मिलेगा। यानी दोनों ही पुल यू सेफ में बनेंगे। इससे शहर के सरकुलर रोड का ट्रैफिक भी हाईवे पर आसानी से आवागमन कर सकेगा और जाम से भी शहर को निजात मिलेगी। देवसर चुंगी छौर से रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मैपिंग का काम भी पूरा हो चुका है।
पुराने रेलवे ओवरब्रिज की साइट पर मेट मशीन करेगी छह से आठ बोरवेल
पूनिया कंस्ट्रक्शन एजेंसी के मैनेजर सोनू सहारण ने बताया कि मंगलवार से कंपनी की मेट मशीन साइट पर पहुंच जाएगी। ये मशीन पुराने पुल के नीचे छह से आठ बोरवेल करेगी। ये बोरवेल करीब 120 फुट गहरे होंगे। इसके अंदर सरिया और कंक्रीट डालकर पुल की मजबूती के लिए बेस तैयार किया जाएगा। ये पाइल कैप को मजबूती देंगे फिर पिलर कैप तैयार किया जाएगा। पुल साइट पर भूमि जांच का काम पूरा हो चुका है।
करीब पांच दशक पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज को तोड़ा जाएगा। इसकी जगह सितंबर में पूनिया कंस्ट्रक्शन कंपनी नए पुल का निर्माण काम शुरू करेगी। कंपनी को काम अलॉट की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। करीब 40 करोड़ में 950 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज तैयार होगा। रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को भी नोटिस दिए गए हैं। जिन्हें जगह खाली करने के आदेश दिए गए हैं।
-सुरजीत सिंह, असिस्टेंट इंजीनियर कंस्ट्रक्शन हिसार रेलवे विभाग।
ये हैं शहर में रेलवे ओवरब्रिज, इनका चल रहा है काम
शहर के अंदर लोहारू रोड पर 1971 में साढ़े 700 मीटर का पहला रेलवे ओवरब्रिज निर्माण हुआ था। इसके बाद 2015 में शहर के रेलवे स्टेशन के नजदीक तोशाम मार्ग पर दूसरा 800 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण हुआ। इसके बाद 2022 में तोशाम बाईपास खरकड़ी रेलवे डबल फाटक पर करीब एक किलोमीटर से अधिक लंबा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण हुआ। भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर जिला कारागार के समीप भी 900 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज बना हुआ है। इसी तरह कृष्णा कॉलोनी से जीतुवाला रेलवे फाटक पर शहर के सबसे छोटे 600 मीटर लंबे दिनोद रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का काम चल रहा है। इसी तरह भिवानी-महम मुख्य मार्ग पर भी 950 मीटर लंबे रेलवे ओवरब्रिज का काम चल रहा है। जबकि 2023 में अब पुराना लोहारू रोड तोड़कर नया रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का काम शुरू होगा।