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Haryana: लाल पत्थर के रेट घटे, नीले की नहीं हो रही बिक्री, भवन निर्माण होगा महंगा, ये है वजह

Wed, 31 Aug 2022 02:07 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, तोशाम, भिवानी (हरियाणा)

सार

लाल पत्थर के भाव 50 रुपये प्रति टन तक घटे हैं। लाल पत्थर की बिक्री नहीं होने पर एचएसआईआईडीसी परेशान हैं। वहीं क्रशर मालिक लाल पत्थर की खरीद नहीं कर रहे हैं। नीले पत्थर की बोली बंद करने से क्रशर मालिक नाराज हैं। 
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खनन क्षेत्र। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के भिवानी में तोशाम खानक पहाड़ में खनन करने वाली कंपनी एचएसआईआईडीसी ने लाल पत्थर के भाव 50 रुपये प्रति टन घटा दिए हैं। वहीं एक सप्ताह से नीले पत्थर की बोली लाल पत्थर नहीं बिक जाने तक बंद कर दी है। नीले पत्थर की बोली बंद होने व लाल पत्थर के रेट घटने से व्यवस्था गड़बड़ा गई है। ऐसे में भवन सामग्री के भाव भी जल्द ही आसमान छूने लगेंगे। 

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क्रशर मालिक इस पत्थर की खरीद नहीं कर रहे और नीला पत्थर नहीं होने के कारण भवन सामग्री का अभाव भी होगा। जिस पत्थर की अब एचएसआईआईडीसी द्वारा बोली करवाई जा रही है, उस पत्थर के क्रशर व रोड़ी को आम ग्राहक बिल्कुल नहीं खरीद रहा है।

मंगलवार को एचएसआईआईडीसी ने लाल पत्थर, जिसके साथ मिट्टी भी डाली जाती है उसके भाव में 50 रुपये प्रति टन कम किए हैं। नीले पत्थर की बोली बंद करने से क्रशर मालिक नाराज हैं। क्रशर मालिकों का कहना है कि नीला पत्थर नहीं मिलेगा तो क्रशर कहां से चलेंगे। 
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पत्थर के भाव घटे व रोड़ी व क्रेशर के भाव बढ़े
एक तरफ तो एचएसआईआईडीसी द्वारा पत्थर के भाव में 50 रुपये प्रति टन की कमी कर दी है वहीं रोड़ी व क्रेशर के भावों में 50 रुपये प्रति टन के हिसाब से बढ़ोतरी हो गई है। नीले पत्थर की रोड़ी व क्रेशर अब 550 से 600 रुपये प्रति टन के हिसाब से मिलेगा।

लाल पत्थर के भावों में 50 रुपये प्रति टन की कमी की गई है। इस पत्थर का भाव पहले 275 रुपये प्रति टन था, अब 225 रुपये प्रति टन कर दिया है। नीले पत्थर की बोली यह पत्थर खत्म होने के बाद शुरू की जाएगी। तीन पीटों में यह पत्थर बचा हुआ है। - अनिल सिंगला, मैनेजर, एचएसआईआईडीसी।

जिस पत्थर की एचएसआईआईडीसी द्वारा बोली करवाई जा रही है, वह वेस्ट मैटीरियल है। उस माल से तैयार रोड़ी व क्रेशर को कोई खरीदने वाला नहीं है। नीले पत्थर की बोली बंद करने से बढ़िया माल के भाव 50 रुपये प्रति टन बढ़ जाएंगे। इससे आम आदमी को नुकसान होगा। - सुनील जिंदल, क्रशर मालिक व यूनियन प्रधान।

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