लोहारू में रामलीला मंचन में तीसरी रात लोहारू के रामलीला मैदान में भगवान श्री राम और सीता के विव
लोहारू। रामलीला मंचन में तीसरी रात लोहारू के रामलीला मैदान में भगवान श्री राम और सीता के विवाह का आकर्षक मंचन किया गया। इसमें भगवान राम बरात लेकर राजा जनक के दरबार में घोड़ी से पहुंचे।
भगवान श्रीराम के किरदार में रामप्रसाद सैनी घोड़ी पर सवार होकर ढोल, बाजे और बरात के साथ राजा जनक के दरबार में पहुंचे और दुल्हन के रूप में सजी सीता अपनी सहेलियों के साथ फेरों पर आकर्षक अंदाज में पहुंचीं। इस श्रीराम और सीता के विवाह के दौरान विवेकानंद स्कूल के प्राचार्य और समाजसेवी जितेंद्र भारद्वाज ने कन्या दान किया। उन्होंने कन्या शगुन के रूप में रामलीला समिति को 31,000 रुपये भेंट किए।
जितेंद्र ने कहा कि कन्यादान महादान है। प्रत्येक व्यक्ति को कन्यादान के लिए सदैव आगे रहना चाहिए। रामलीला मंचन के चौथी रात श्री राम और सीता के विवाह का मंचन किया और बाद में कैकेयी कोप भवन का मंचन किया गया। जिसमें मंथरा ने महारानी कैकेयी के कान भरने पर महारानी कैकेयी ने अपने दिए वचन के बदले में राजा दशरथ से अपने बेटे भरत के लिए राज सिंहासन और श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा।
रिंकू तायल दशरथ, बीरबल जनक, रामप्रसाद सैनी श्रीराम, जयपाल परिहार सीता, भानु लक्ष्मण, सुनील कुमार शत्रुघ्न, विजय कुमार कैकेयी, मुरारी लाल शर्मा मंथरा और रमेश कुमार कौशल्या की भूमिका में रामलीला के मंच पर रहे।