भिवानी। भले ही सरसों की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है, लेकिन अभी भी खुले आसमान के नीचे पड़ी 45 हजार टन सरसों पर बारिश का कहर फिर से टूट पड़ा। मंडियों में खुले में पड़ी सरसों की फसल बारिश से पूरी तरह से तरबतर हो गई। वहीं जिले की 11 मंडियों में गेहूं पर बारिश ने कहर बरपा दिया। करीब 40 हजार टन गेहूं भी बारिश में फिर से भीगकर खराब होने के कगार पर पहुंचा।
पहले बारिश में भीग चुका गेहूं भी सड़ने लगा था, लेकिन कई बार भीग चुका गेहूं अब शायद खाने लायक भी नहीं बचेगा। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद से ही गेहूं की खरीद भी बंद कर दी गई थी। वहीं उठान तेजी से कराया जा रहा था कि इसी बीच फिर से बारिश ने दस्तक देकर अधिकारियों के मंसूबों पर पानी फेर डाला।
भिवानी जिले में अब तक 11 मंडियों में 14426 किसानों से सरकारी एजेंसियां 103405 टन गेहूं खरीद कर चुकी है। जबकि 63772 टन गेहूं का मंडियों से उठान हो चुका है। 39633 टन गेहूं का उठान अभी बाकी है। इसमें भी अधिकांश गेहूं खुले में ही पड़ा है जिस पर बारिश का कहर बरपा है। इसी तरह भिवानी जिले में एक लाख 21 हजार टन सरसों की सरकारी खरीद हुई है। इसमें से अब तक करीब 45 हजार टन सरसों का उठान बाकी है। जिले की मंडियों में न आढ़तियों के पास तिरपाल है और न पर्याप्त शेड का इंतजाम है। यही वजह है कि खुले में मौसम के रहम पर पड़ी फसल पर फिर से मौसम की मार हुई है। इसके बाद अधिकांश गेहूं के सड़क खराब होने की आशंका है। वहीं सरसों की गुणवत्ता भी खराब होगी।
मौसम खराब होने से नहीं हुई भिवानी मंडी में छह दिन से गेहूं खरीद
भिवानी मंडी में मौसम खराब होने की वजह से लगातार छठे दिन भी बुधवार को गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। मंडी में तेजी से गेहूं का उठान कराया गया। लेकिन अनलोडिंग की समस्या की वजह से ज्यादातर गाड़ियां अनलोडिंग प्वाइंटों पर ही फंसी रही। हालांकि अधिकारियों ने मौसम विभाग की चेतावनी के बाद उठान के काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद काफी हद तक गेहूं का उठान भी हुआ। मगर जिस गेहूं की भराई नहीं हुई वह भी बारिश में भीग गया।
जिन मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद हुई थी, वहां पर उठान का काम तेजी से कराया जा रहा है। अधिकांश सरसों का उठान हो चुका है। बारिश के कारण जिन मंडियों में सरसों भीगी है, उसका उठान सूखने के बाद ही कराया जाएगा।
-राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।