नगर परिषद के वाइस चेयरमैन के खिलाफ पार्षदों ने खोला मोर्चा, 22 ने डीसी को सौंपा शपथपत्र
- विधानसभा चुनावों से पहले नगर परिषद की राजनीति में आया भूचाल
- वाइस चेयरमैन सतेंद्र मोर बोले: पार्षदों ने बनाया वाइस चेयरमैन, अब उनके विवेक पर है फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। भिवानी नगर परिषद की राजनीति में विधानसभा चुनावों से पहले ही भूचाल आ गया है। नगर परिषद के 31 में से 22 पार्षदों ने वाइस चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उपायुक्त को शपथपत्र सौंपा है। इसके बाद अब जिला प्रशासन कभी भी वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर बैठक बुला सकता है। हालांकि वाइस चेयरमैन सतेंद्र मोर ने पार्षदों के इस कदम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पार्षदों की वजह से ही वे वाइस चेयरमैन बने हैं अब उनके विवेक पर ही फैसला टिका है।
दरअसल, नगर परिषद भिवानी में वाइस चेयरमैन की कुर्सी को लेकर कई पार्षदों ने अपनी दावेदारी जता दी है। इसमें कुछ पार्षदों की राजनीतिक महत्वकांक्षा की वजह से वर्तमान चेयरमैन के खिलाफ 22 पार्षद लामबंद होकर डीसी को शपथ पत्र सौंप चुके हैं। मंगलवार को इन पार्षदों का शपथ पत्र उपायुक्त के समक्ष पहुंचा है। ऐसे में वाइस चेयरमैन के लिए अब कई पार्षदों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनमें सुमिता, विनोद चावला, अंकुर कौशिक व कर्मबीर यादव का नाम मुख्य बताया जा रहा है। हालांकि जिला प्रशासन अगर वाइस चेयरमैन चुनाव को लेकर बैठक बुलाता है तो फिर शहर के 31 वार्डों के पार्षद किसके नाम पर अपनी सहमति जताते हैं यह तो चुनाव के समय ही तय होगा। फिलहाल पार्षदों के बड़े धड़े ने वाइस चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा खोलने से नगर परिषद की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। बतां दे कि वाइस चेयरमैन सतेंद्र मोर कांग्रेस खेमे से हैं जबकि नगर परिषद की चेयरपर्सन प्रीति भवानी भाजपा खेमे में हैं। वहीं पार्षदों का ये धड़ा अब राजनीति से प्रेरित है या फिर ये सब नए वाइस चेयरमैन को कुर्सी पर देखना चाहते हैं ये तो चुनाव के वक्त ही तय होगा।
सभी को साथ लेकर सकारात्मक सोच के साथ किया विकास: सतेंद्र मोर
नगर परिषद के वाइस चेयरमैन सतेंद्र मोर का कहना है कि उन्होंने सभी पार्षदों को साथ लेकर सकारात्मक सोच के साथ काम किया है। पार्षदों ने ही उन्हें चुना था अब पार्षद ही फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में सभी शक्तियां चेयरपर्सन के पास हैं, लेकिन फिर भी वे हर विकास कार्य में सकारात्मक सोच के साथ अपना योगदान देते आ रहे हैं। अब पार्षद ही तय करेंगे कि आगे क्या करना है।