भिवानी। जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद को शहर में ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन और हैंडलिंग) नियम 2016 और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के आदेशों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया है। जिसके तहत ठोस अपशिष्ट व्यवस्था ठीक नहीं होने तक हर माह एक लाख रुपये जुर्माना देना होगा।
नोटिस में नगर परिषद की लापरवाही को भी उजागर किया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जब शहर का निरीक्षण किया तो काफी जगह कूड़े के ढेर लगे मिले। वहीं कई जगहों पर लोगों द्वारा खुले में कूड़ा जलाया जा रहा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों के निरीक्षण की गई जगहों की अव्यवस्थाओं की फोटो भी नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को भेजी गई। इसके बाद वीरवार को प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इस संबंध में 15 दिन का नोटिस नगर परिषद के ईओ को जारी किया है। इसकी कॉपी भी डीएमसी और लोकल बॉडी को भेजी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से नगर परिषद को थमाए गए नोटिस में पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की प्रदत्त शक्तियों की धाराओं का उल्लेख करते हुए ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन और हैंडलिंग) नियम व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 का हवाला दिया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने सात नवंबर को भिवानी शहरी क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण करने पर पाया कि शहरभर में कचरा बिखरा हुआ है, विभिन्न स्थानों पर डंप किया गया है और विभिन्न स्थानों पर कूड़ा जलता हुआ भी पाया गया है। इन जगहों की फोटो भी खींची गई और इसे ईमेल के माध्यम से नगर परिषद ईओ को भेजा गया था। अधिकारियों ने तर्क दिया कि शहर में ठोस अपशिष्ट को खुले में छोड़ दिया जाता है, जिससे संभवतः बारिश के दौरान मिट्टी में रिसाव होता है और इस प्रकार पर्यावरण प्रदूषित होता है। संवाद
हवा में धुआं, शहर में फॉगिंग बंद
हवा में फैले धुएं की वजह से सभी 31 वार्डाें में फॉगिंग का काम भी बंद हो गया है। हवा में छाए धुएं के कारण पहले ही लोगों का दम घुट रहा है। अगर वार्डों में अब फॉगिंग हुई तो लोगों की सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। नगर परिषद का फॉगिंग अभियान फिलहाल बंद पड़ा है। जबकि लगातार डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं।
शहर के डंपिंग यार्ड की एयर क्वालिटी का सैंपल भी हुआ फेल, थमाया नोटिस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर के दादरी रोड स्थित नगर परिषद के डंपिंग यार्ड की एयर क्वालिटी का सैंपल भी जांचा। एयर क्वालिटी के मानक पर डंपिंग यार्ड की एयर क्वालिटी पीएम-10 पर 900 आंकी गई जो बेहद खराब होने की वजह से इसका सैंपल भी फेल हो गया है। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 43, 44 और 48 के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी के अलावा अधिनियम 1981, ईपी अधिनियम 1986 की धारा 15 और 17 के तहत कानूनी कार्रवाई और पर्यावरण की क्षति के लिए पर्यावरण मुआवजे का भुगतान करने का भी नोटिस नगर परिषद को थमाया है। इसमें भी हर माह व्यवस्था ठीक नहीं होने तक हर माह एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। डंपिंग यार्ड में भी लाखों टन कचरा खुले में पड़ा है। उसका निस्तारण भी नियम के अनुसार नहीं हो रहा है। ऐसे में यहां की हवा भी अब बेहद खराब आंकी गई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने शहर का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान काफी जगहों पर खुले में कूड़ा पड़ा मिला। वहीं काफी जगहों पर कूड़ा जलाया जा रहा था। इसके फोटो भी नगर परिषद ईओ को ईमेल से भेजे गए थे। शहर में ठोस अपशिष्ट नियम 2016 के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया गया है। व्यवस्था ठीक नहीं होने तक नगर परिषद पर एक लाख रुपये हर माह जुर्माना लगाया जाएगा। दादरी रोड के डंपिंग यार्ड पर एयर क्वालिटी सैंपल भी फेल हो गया है। जिसके लिए नगर परिषद को अलग से नोटिस जारी किया गया है।
-कपिल सिंह, एसडीओ जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी।