लोहारू पुलिस थाने में थाना प्रभारी के पास यूं बैठे रहे लोहारू के किसान नेता।
लोहारू। दिल्ली में पहलवानों के समर्थन में रविवार को संसद भवन दिल्ली तक कूच करने का शीर्ष किसान नेताओं ने आह्वान किया था। लेकिन दिल्ली कूच को विफल करने के लिए लोहारू में पुलिस ने अल सुबह ही आधा दर्जन से अधिक किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया और करीब चार घंटे तक पुलिस थाने में बैठाए रखा। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। गुस्साए किसान नेताओं ने सरकार को तानाशाह सरकार बताते हुए कहा कि आने वाले समय में केंद्र और प्रदेश की सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
दिल्ली कूच को विफल करने के लिए रविवार अल सुबह ही लोहारू थाना पुलिस ने भाकियू के हलका प्रधान रवींद्र कसवां, किसान नेता दयानंद सांगवान, लख्मीचंद सैनी, नरेंद्र फरटिया, प्रधान कर्मबीर फरटिया, प्रहलाद राहड़ व अन्य किसान नेताओं को घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया और लोहारू पुलिस थाने में चार घंटे तक बैठाए रखा। प्रधान रवींद्र कसवां ने कहा कि जो पहलवान आज दिल्ली में हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, वे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने दिल्ली कूच की तैयार कर रखी थी लेकिन पुलिस ने उन्हें सुबह ही गिरफ्तार करके लोकतंत्र का हनन करने का काम किया है।
पुलिस को चकमा दे रेलगाड़ी से दिल्ली पहुंचे कई किसान नेता
दिल्ली कूच के लिए रविवार को भाकियू के जिला प्रधान मेवासिंह आर्य, आजाद सिंह भूंगला, उमेद फरटिया, धर्मपाल बारवास, रामकुमार, रणसिंह, गोपी, जयसिंह सहित अनेक किसान नेता पुलिस को चकमा देते हुए सुबह 3:10 बजे की रेलगाड़ी से ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मेवासिंह आर्य ने बताया कि वे दिल्ली पहुंच गए थे। लेकिन वहां भी भारी पुलिस बल तैनात था और उन्हें जंतर-मंतर के पास से गिरफ्तार कर कापसहेड़ा पुलिस थाने में शाम तक बंदी बनाए रखा।