दादरी गेट पर बसपा सुप्रीमो का पुतला फूंकते डीएससी समाज के लोग
भिवानी। उचाना में 25 सितंबर आयोजित रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती की ओर से सुप्रीम कोर्ट के डीएससी को आरक्षण दिए जाने के फैसले पर समाज के लोगों में रोष है। डीएससी समाज के नेता भगवान दास कालिया ने कहा कि भाजपा सरकार ने 42 जातियों के लिए एजुकेशन में डीएससी नियम को लागू किया है। इसका यह 42 जातियां स्वागत करती हैं।
उन्होंने कहा कि मायावती दलित हितैषी न होकर केवल एक जाति की पक्षधर हैं, इसलिए वह विरोध कर रही है। मायावती के इसी बयान से 42 जातियां उनके खिलाफ हो गई है, इसका उन्हें खामियाजा भुगतना होगा। मायावती के इस बयान से इनेलो को भी नुकसान भुगतना पड़ेगा। मायावती के साथ ही आजाद पार्टी के चंद्रशेखर द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करने पर डीएससी समाज की 42 जातियों ने कड़ा विरोध किया है।
इस दौरान डीएससी समाज के लोगों ने नारेबाजी की। इससे पूर्व जीतू पतीत पावन पाठशाला में लोग एकत्रित हुए। उसके बाद दादरी गेट पर समाज के लोगों ने बसपा सुप्रीमो के पुतला जलाया। इस अवसर पर राजकुमार सोलंकी, अनिल पेंटर, अनिल डाबला, सुरेंद्र इंदौरा, अनिल ढाबला, सुरेश किराड़, प्रदीप किराड़, कमलेश शामिल रहे।