भिवानी और चरखी दादरी में बाजरा खरीद के लिए 13 मंडियां निर्धारित हैं, मगर सिर्फ दस मंडियों में ही इस बार बाजरा की खरीद की गई है। अब तक जिले के 19778 किसानों का हैफेड 44577 टन बाजरा खरीद कर चुकी है। इसमें से 24396.25 टन बाजरे का उठान हो चुका है, वहीं 20180.75 टन बाजरा उठान बगैर मंडियों में पड़ा है। 54.73 फीसदी बाजरा का ही मंडियों से उठान हुआ है। अब तक 46 फीसदी बाजरा मंडियों में पड़ा है। हालांकि लेबर की कमी की वजह से भी उठान धीमा चल रहा है।
वहीं बाजरा बेचने के बाद जिन किसानों के दस्तावेज बैंक खाता में नाम गलत है, उनके भुगतान को लेकर भी दिक्कतें आ रही हैं। किसानों ने अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन जिस नाम से कराया था, उसी नाम से किसानों को बैंक खाता भी मुहैया कराना अनिवार्य किया गया। मगर बैंक खाता और रजिस्ट्रेशन के नाम में मामूली अंदर की वजह से कई किसानों का भुगतान अटक गया है। ऐसे किसान पांच फीसदी बताए जा रहे हैं। जबकि इन किसानों को अपना बैंक खाता या दस्तावेज दुरुस्त कराने की हिदायतें दी गई हैं।
ये हुई है मंडियों में बाजरा की खरीद
मंडी-
खरीद टन में
1. बवानीखेड़ा-
934. 80
2. बहल-
291.40
3. भिवानी-
8699.75
4. ढिगावा-
6546. 70
5. ईशरवाल-
0.00
6. जूई-
11019.20
7. कैरू-
0.00
8. लोहारू-
6007.85
9. पाजू-
0.00
10. सिवानी-
1428.50
11. तोशाम-
021.80
कुल- 44577.00
मंडियों में बाजरे का तेजी से उठान कराया जा रहा है। डिमांड के अनुसार मंडियों में बारदाना भी मुहैया कराया गया है। भिवानी में हैफेड के गोदाम फुल हो चुके हैं, जिसके बाद हिसार में हैफेड के गोदामों में बाजरे का भंडारण करा रहे हैं। जिन किसानों के दस्तावेजों में कमी हैं, उन्हें दूर करा उनका जल्द से जल्द भुगतान कराया जाएगा।
-राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।