भिवानी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को जिले के 70 में 53 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। डॉक्टरों की हड़ताल ने अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों के दर्द को और बढ़ा दिया। जिला नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी, कोरोना और पोस्टमार्टम संबंधी ही किया गया। इसके अलावा 20 से ज्यादा ऑपरेशन भी टल गए।
स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुबंधित और प्रशिक्षु चिकित्सकों का सहारा लिया, जिन्होंने मरीजों को परामर्श देकर घर भेजा। स्पेशलिस्ट कैडर देने, एसएमओ की सीधी भर्ती बंद करने और पीजी पॉलिसी बंद करने की मांग को लेकर नागरिक अस्पताल के चिकित्सक हड़ताल पर रहे। हड़ताल कर रहे चिकित्सकों ने नागरिक अस्पताल में प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डॉक्टर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. मनीष श्योराण और महासचिव डॉ. राहुल ने बताया कि इन मांगों को लेकर वे कई बार सरकार के सामने गुहार लगा चुके हैं, मगर उनकी मांग पूरी नहीं की जा रही हैं। इससे चिकित्सकों में सरकार के प्रति रोष बना हुआ है। प्रदर्शन करने वालों में डॉ. मोनिका सांगवान, डॉ. लवांश, डॉ. विश्वास, डॉ. मोनिका महता, डॉ. रमेश लांबा, डॉ. वेदपाल आदि शामिल रहे।
कोर कमेटी के फैसले पर आगामी फैसला
चिकित्सकों ने हड़ताल के दौरान चेतावनी दी कि अगर 14 जनवरी तक उनकी मांग नहीं मानी जाती हैं तो वे संपूर्ण हड़ताल करेंगे। उस दिन इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और कोविड संबंधी सेवाएं भी ठप रहेंगी। वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा प्रदेश में एस्मा लगाए जाने के बारे में डॉ. मनीष श्योराण और डॉ. राहुल ने बताया कि सरकार ने एस्मा लगाकर प्रदर्शन लगाने पर रोक लगा दी है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। मगर इस बारे में हमारी कोर कमेटी जो फैसला करेगी, वही माना जाएगा। अगर कोर कमेटी फैसला करती है कि 14 जनवरी को संपूर्ण हड़ताल की जाए तो हम उस फैसले पर ही चलेंगे।
ऑपरेशन के लिए आए मरीज हुए निराश
चिकित्सकों की हड़ताल के कारण नागरिक अस्पताल में मंगलवार को ऑपरेशन नहीं हो पाए। बता दें कि आपातकालीन मामलों को छोड़ कर बाकी मामलों में चिकित्सकों द्वारा मरीज को ऑपरेशन के लिए तारीख दे दी जाती है। इसी तरह मंगलवार को भी 20 से ज्यादा ऑपरेशन होने थे, जो चिकित्सकों की हड़ताल के कारण नहीं हो पाए। मरीजों को इससे काफी निराशा हुई।
इमरजेंसी में पहुंचने लगे ओपीडी के मरीज
मंगलवार को ओपीडी में अनुबंधित चिकित्सकों द्वारा दिए गए सुझावों और उपचार से जो मरीज संतुष्ट नहीं हुए वे इमरजेंसी में पहुंचना शुरू हो गए। इससे ओपीडी में तैनात स्टाफ और चिकित्सकों के सर्दी के मौसम में भी पसीने छूटे रहे। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने स्थिति के अनुसार उन मरीजों के साथ व्यवहार किया। अगर किसी को दिक्कत थी तो उसका उपचार किया गया और कोई सामान्य मरीज था तो उसे बुधवार को ओपीडी में आने की बात कही गई।
सामान्य रही इमरजेंसी
मंगलवार को नागरिक अस्पताल के चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इमरजेंसी में स्थिति सामान्य रही। ओपीडी में एनएचएम के चिकित्सकों ने मरीजों की जांच की। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सीएमओ, भिवानी।