भिवानी। अब जिले के 155 शिवधामों के ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर काम कराएंगी। पंचायती राज विभाग ने जिले के 130 गांवों में शिवधाम नवनिर्माण के लिए जारी किए गए 12.65 करोड़ से कार्यों की ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया रोक दी है। अब ये राशि विभाग से संबंधित ग्राम पंचायतों के बैंक खाता में स्थानांतरित की जाएगी।
इसके बाद सरपंच की अनुमति से शिवधाम के काम होंगे। पहले पंचायती राज विभाग ने ई-टेंडरिंग से ये कार्य कराने थे, जिसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। लेकिन सरकार 21 लाख तक के कार्य सरपंचों द्वारा कराए जाने के निर्णय के बाद अब इस प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया।
जिले के 130 गांवों में 155 शिवधामों (श्मशान घाट) की हालत सुधार के लिए सरकार ने 12.65 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी दी है। कई गांवों में तो तीन-चार शिवधामों को सुधार के लिए चिह्नित किया गया है। शिवधाम के नवनिर्माण कार्य में तीन से 15 लाख रुपये तक का बजट खर्च होगा। इनमें चहारदीवारी, पक्का रास्ता निर्माण, बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
चिह्नित शिव धामों के जीर्णोद्धार के लिए अलग-अलग राशि का बजट जारी हुआ है। इन शिव धामों की हालत और व्यवस्थाओं के लिए पंचायती राज तकनीकी विंग के अधिकारियों ने सर्वेक्षण कराया था। इसके बाद ही इनके एस्टीमेट तैयार कर सरकार से संभावित बजट मांगा गया। ई-टेंडरिंग एक माह के अंदर शुरू हो जाएगा।
इन गांवों में पंचायती राज तकनीकी विंग के अधिकारियों ने सर्वेक्षण कर एस्टीमेट तैयार किए थे। हालांकि ये राशि अब ग्राम पंचायत के खाता में आएगी। जिसके बाद गांव के सरपंच की निगरानी में शिवधामों के नवीनीकरण के काम होंगे। जबकि कार्य बिना टेंडर के ही पंचायती राज विभाग कराएगा। जबकि ई-टेंडरिंग के दायरे में अब विभाग की बड़ी विकास परियोजनाएं ही आएंगी। पंचायती राज मुख्यालय से संबंधित शिवधामों के लिए मंजूर की गई राशि सीधे ग्राम पंचायत के बैंक खातों में ही डाली जाएगी।
इन गांवों के शिव धामों में होंगे काम
जिले के गांव ओरंगनगर, बलियाली, भैंणी ठाकरान, बोहल, चांग, जमालपुर, कुंगड़ छोटा पाना, लोहारी जाटू, मिलकपुर, मुंढाल कलां, नाथूवास, पपोसा, प्रेमनगर, पूर, रामुपुरा, रतेरा, रोहनात, सीपर, सिवाड़ा, सूई, सुमराखेड़ा, धारेडू, कोंट, मानहेरू, नांगल, पहलादगढ़, राजगढ़, उमरावत, अकबरपुर, अलाउद्दीनपुर, अजीमपुर, बडदूचैना, बासकुडल, बहल, बिठन, बिसलवास, बुढेड़ा, देवसर, ढाणी अहमद, ढाणी हंट, ढाणी लक्ष्मण, ढाणी रामजस, फरटिया कहर, गैंडावास, गोकलपुरा, गोठड़ा, गुढा, हालुवास, झांझडा हसनपुर, झांझडा श्योराण, कालोद, कासनी कलां, खेड़ा, मंढोलीकलां, मनसरवास, मोहिला, ओबरा, रुपाना, सलीमपुर, समसावास, सेहर, सिंघानी, सोरड़ा जद्दीद, सुधीवास, सुखदेव सिंहका बास, सुरपुराकलां, सुरपुरा खुर्द, तलवानी, अलखपुरा, बाबरवास, बादलवाला, बहरान, बजीना, बापोड़ा, भारीवास, बिलजलानावास, चहड़कलां, छपार जोगियान, दांगकलां, दांग खुर्द, दरियापुर, देवावास, देवराला, ढाणी कतवार, ढाणी मिरान, ढाणी रिवासा, दिनोद, गारनपुरा, गोपालवास, हसान, हेतमपुरा, इंदीवाली, ईशरवाल, जैनावास, झावरी, झुल्ली, जूई बिचली, जूईकलां, कैरू, कैरू द्वितीय, खानक, खारियावास, खरकड़ी माखवान, खरकड़ी सोहान, खावा, लाडियावाली, लालावास, लक्ष्मणपुरा, लेघां, लोहानी, निगाना खुर्द, पिंजोखरा, राजपुरा खरकड़ी, सरल, साहलेवाला, सुंगरपुर, तोशाम शामिल हैं।
भिवानी जिले में 155 शिवधामों के लिए सरकार की तरफ से 12 करोड़ 65 लाख का बजट जारी किया है। ये बजट अब सीधे संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में भेजा जा रहा है। पहले विभाग शिवधाम के काम ई-टेंडरिंग से कराने की प्रक्रिया शुरू कर चुका था, लेकिन अब सरपंचों को 21 लाख तक के कार्य कराने की छूट दी है, इसके तहत अब ये कार्य भी ग्राम पंचायतें ही कराएंगी। इसके अलावा स्टेट फंड की राशि के काम भी ग्राम पंचायत करा सकेंगी। -संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विंग, भिवानी।