भिवानी। गर्मी की तपिश के साथ ही शहर में गंभीर पेयजल संकट बना है। शहर की सभी कॉलोनियों में लोग पानी की राशनिंग झेल रहे हैं, जबकि 35 से अधिक कॉलोनियों में तो दस दिन से पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में लोग जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास पानी के टैंकरों के लिए फोन मिला रहे हैं, मगर डिमांड के बाद भी टैंकर लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। 22-23 जून की रात को मोहला हेड पर नहरी पानी पहुंचेगा। जिसके बाद ही शहर को पेयजल संकट से निजात मिलेगी। सिंचाई विभाग ने सुंदर ग्रुप की नहरों में 2200 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी है। जिसमें 900 क्यूसेक जूई फीडर और 400 क्यूसेक मिताथल फीडर में पानी की डिमांड की गई है। जबकि सुंदर ब्रांच में 900 क्यूसेक पानी की मांग भेजी है।
वहीं जनस्वास्थ्य विभाग जून में जलसंकट के साथ साथ पुराने जलघर की पानी भंडारण क्षमता को बढ़ाने में भी जुटा है। ताकि गर्मी के मौसम में पानी को लेकर आगे ऐसी दिक्कत न बने। पुराने जलघर में नया टैंक बनकर तैयार हो चुका है। पिछली बार बिजली कटों की वजह से ये नया टैंक नहीं भर पाया था, मगर इस बार इस टैंक में भी पानी भंडारण की तैयारी हो चुकी है। हालांकि इस टैंक को फिलहाल ट्रायल तौर पर भरा जाएगा। इस दौरान इसमें लीकेज की संभावना भी बनी हैं, मगर टैंक में अतिरिक्त पानी भंडारण से शहर में अगली बार नहरी पाने आने तक आपूर्ति को सुचारू रूप से चलाना संभव हो जाएगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शहर में पानी की राशनिंग के बाद भी अब पानी टैंकों में बहुत कम बचा है। ऐसे में टैंकों की भंडारण क्षमता के अनुरूप अधिक से अधिक पानी का स्टोरेज किया जाएगा। सिंचाई विभाग के शेड्यूल के हिसाब से आठ दिन सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी मिलेगा। इस दौरान जलघर के टैंकों में पानी का पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था बहुत जरूरी होगी। नहरी शेड्यूल के हिसाब से 32 दिन बाद ग्रुप के हिसाब से दोबारा नहरी पानी मिलेगा।
साहब सप्लाई में पानी नहीं तो टैंकर ही भिजवा दो
कृष्णा कॉलोनी निवासी दयावती, कमला, सरोज, माया, मानसी, महेंद्र, कमल का कहना है कि करीब 12 दिनों से इलाके में पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। करीब दो साल पहले उनकी गली में अलग से पानी की लाइन भी डाली गई थी, मगर इस लाइन को अभी तक जोड़ा नहीं गया। जिस वजह से टेल तक लगने वाले घरों तक पानी की बूंद तक नहीं पहुंच पाती। जरूरी कार्यों के लिए भी पानी के लिए दूर दराज के इलाकों में हैंड पंपों से पानी लाना पड़ता है। पानी के टैंकर के लिए भी काफी बार बोल चुके हैं, मगर कोई टैंकर नहीं आता है। जिला प्रशासन से हमारी मांग है कि जल्द से जल्द पेयजल समस्या का समाधान कराया जाए।
गंदे पानी की आपूर्ति से परेशान 25 कॉलोनियों के लोग
शहरी दायरे की करीब 25 से अधिक कॉलोनियां गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या भी झेल रही हैं। क्योंकि राशनिंग से बूस्टर की लाइनों में पानी नहीं है। लीकेज के कारण गंदा पानी भी पाइपों में पहुंच घरों तक नलों के जरिए आ रहा है। जिसकी वजह से लोग भी जल जनित बीमारियों के संक्रमण से घिर रहे हैं। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग भी लीकेज ठीक कराने के लिए कई कॉलोनियों में पेयजल लाइनों की जांच में जुटा है।
शेड्यूल के हिसाब से मोहला हेड पर 22-23 जून की रात को पानी पहुंच जाएगा। ये पानी सुबह तक सुंदर ग्रुप की नहरों में पहुंचेगा। हमारा प्रयास रहेगा कि डिमांड के अनुरूप पानी मिलने पर सभी जलघर टैंकों और ग्रामीण पौंड को पर्याप्त पानी मुहैया कराया जाए। इसके लिए 2200 क्यूसेक पानी की डिमांड की गई है।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।
22 जून को नहरों में पानी आएगा। इस दौरान एक दिन छोडक़र एक दिन पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। रोजाना ही विभाग जरूरत के हिसाब से शहर के विभिन्न इलाकों में पानी के टैंकर भी भेज रहा है। इसके लिए टैंकरों की क्षमता व संख्या भी बढ़ाई गई है।
-सचिन तलेजा, कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा भिवानी।