भिवानी। दो लाख की ज्वैलरी की खरीद पर पैन कार्ड की शर्त पर सर्राफा व्यापारी उखड़ गए। बुधवार को सर्राफा दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर हड़ताल की और रोष जताया। साथ ही लघु सचिवालय में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इस अधिसूचना को रद करने की मांग की। सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल के कारण शहर की करीब छह सौ सर्राफ दुकानों पर ताले लटके रहे और करीब एक करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।सरकार की ओर से दो लाख की खरीद पर पैन कार्ड अनिवार्य होने की शर्त रखी है। यानी कोई भी व्यक्ति जो दो लाख या इससे अधिक के आभूषण खरीदेगा, उसके लिए पैन कार्ड अनिवार्य है और उसे पैन कार्ड की कॉपी देनी होगी। सरकार के इस निर्णय से सर्राफा दुकानदारों में रोष है। सर्राफा कमेटी के आह्वान पर बुधवार को भिवानी के सर्राफा व्यापारियों ने हड़ताल का निर्णय लिया। निर्णय के तहत सभी सर्राफा व्यापारियों ने बुधवार को दिनभर अपनी दुकानें बंद कर हड़ताल की। सुबह करीब 10 बजे दुकानदारों ने जवाहर चौक के पास एकत्रित होकर रोष जताया। यहां रोष जताने के बाद सभी दुकानदार लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त को ज्ञापन सौंप इस फैसले को रद करवाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में श्री सर्राफा कमेटी भिवानी के संरक्षक बृजलाल सर्राफ, प्रधान विजय किशन सर्राफ, उप प्रधान हरीश कुमार, महासचिव अनिल कुमार सर्राफ, विनोद छपारिया, अनिल कुमार, पवन कुमार, शशी कुमार, बजरंग लाल आदि मौजूद रहे।छह सौ दुकानें बंद, एक करोड़ का कारोबार ठपशहरभर में छोटी-बड़ी ज्वैलरी की करीब छह सौ दुकानें है। सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल के कारण इन सभी दुकानों पर बुधवार को ताले लटके रहे। हड़ताल के कारण करीब एक करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। अनेक लोग मार्केट में खरीददारी के लिए पहुंचे मगर दुकानें बंद होने के कारण निराश ही घर लौट गए।कहां से लाएंगे किसान, जमींदार पैनकार्डव्यापारियों ने हड़ताल के दौरान कहा कि किसान, जमीदार लोग पैन कार्ड कहां से लाएंगे। व्यापारियों ने बताया कि देश की जनसंख्या सवा सौ करोड़ है। इनमें से महज 17 करोड़ के पास ही पैन कार्ड है। इनमें भी महज साढ़े तीन करोड़ प्रयोग करते है। ऐसे में यहीं कहां जा सकता है कि साढ़े तीन करोड़ ही पूरे देश में वर्किंग पैन कार्ड धारक है। जिले में तो यह आंकड़ा बेहद कम है। ऐसे में इस शर्त का कोई औचित्य नहीं बन पाएगा। शादी समारोह से दो से तीन लाख की ज्वैलरी खरीदना आम बात है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर लोगों के पास पैन कार्ड नहीं है। ऐसे में वे तो ज्वैलरी ही नहीं खरीद पाएंगे। व्यापारियों ने इस शर्त को हटाने या न्यूनतम लिमिट पांच लाख करने की मांग की।