भिवानी। अब जिले के लोगों को पानी के लिए तरसना नहीं पड़ेगा, क्योंकि सिंचाई विभाग की नहरों में लगातार 100 दिन तक पानी मिलेगा। नदी में उफान के साथ ही नहरों में पानी की स्थिति में भी सुधार हुआ है।
सुंदर ग्रुप की नहरों में 900 क्यूसेक के मुकाबले 1100 क्यूसेक पानी पहुंचा है, जिससे नहरों के किनारे टूटने का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि भिवानी जिले में अभी ज्यादा बारिश नहीं हुई है, अगर बारिश हुई तो पानी का स्तर और बढ़ेगा। अगले सप्ताह शहर में पानी की राशनिंग से भी निजात मिल जाएगी। वहीं ग्रामीण जोहड़ और जलघर टैंक भी लबालब होंगे। पिछले साल भी लगातार चार माह तक नहरों में पानी मिला था।
उत्तर भारत में इस बार अच्छे मानसून के संकेत हैं। ऐसे में नदी उफान पर चल रही है, वहीं नहरों में भी अब अतिरिक्त पानी पहुंच रहा है। भिवानी जिले की जीवनरेखा कहलाने वाली सुंदर सब ब्रांच में 900 क्यूसेक की क्षमता के मुकाबले 1100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो नहर के डिजाइन के हिसाब से ज्यादा है। ऐसे में कई जगह पानी नहर के किनारे भी लांघ बाहर छलकने लगा है, जिससे कमजोर जगहों पर किनारे टूटने का डर भी सिंचाई अधिकारियों को बना है। हालांकि नहरों की लगातार मॉनिटरिंग कराई जा रही है।
मोहला हेड से मित्ताथल फीडर में 330 क्यूसेक के मुकाबले 450 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे मित्ताथल फीडर भी अब लबालब चल रही है। हालांकि जूई फीडर को बंद किया हुआ है। इस पर ठेकेदार का काम चल रहा है। इस नहर में भी अब जल्द ही पानी क्षमता से अधिक पहुंचेगा। भिवानी जिले में बारिश के दौरान खेतों का अतिरिक्त पानी भी ड्रेनेज और नहरों में डालने के लिए अब स्थायी चैंबर बनाए गए हैं। ऐसे में अगर नहरों में पहले से ही क्षमता से अधिक पानी चला तो पानी की निकासी में भी दिक्कतें आ सकती हैं। संवाद
सूखी टेल भी होगी गीली
सिंचाई विभाग की जिन नहरों की टेल पर कभी ग्रामीणों को पानी नहीं मिला था अब वहां तक भी पानी पहुंच जाएगा। हालांकि नहरों में बाढ़ और बारिश का अतिरिक्त पानी नहरों दिए जाने से सूखाग्रस्त इलाकों के किसानों की सिंचाई जरूरतें पूरी होंगी। लेकिन बाढ़ का पानी नहरों के रास्ते जलघर के टैंकों तक भी पहुंचेगा, जिससे बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ेगा। बारिश और बाढ़ के पानी को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग डबल क्लोरिनेशन के बाद भी पूरी तरह से शुद्ध नहीं कर पाता है। ऐसे में नलों तक पानी मिट्टी युक्त ही पहुंचता है।
नहरों में अब लगातार तीन माह तक पानी मिलेगा। पिछले साल भी चार माह तक नहरों में लगातार पानी चला था। फिलहाल सुंदर सब ब्रांच में डिमांड से 200 क्यूसेक अतिरिक्त पानी चल रहा है। नहर ओवरफ्लो होने के कगार तक पहुंची है। जिससे कमजोर जगहों पर किनारे टूटने का डर भी बना है। हमारा प्रयास है कि टेल तक पर्याप्त नहरी पानी मिले। इसके लिए सिंचाई विभाग के फील्ड कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई है वे लगातार नहर की निगरानी भी कर रहे हैं।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।