भिवानी। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज और बरसाती डिस्पोजल सिस्टम की क्षमता को अपग्रेड करने के कारण अब भिवानी शहर 100 एमएम बारिश भी झेल पाएगा। इसी के साथ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भारी बारिश की आशंका के चलते सिंचाई विभाग से भी अतिरिक्त संसाधन जुटाए हैं। इसके बाद 100 एमएम बारिश में पूरे शहर के अंदर 360 एमएलडी पानी जमा होगा, जिसकी निकासी में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भी अधिकतम 10 घंटे का समय लगेगा।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास फिलहाल शहर के सभी डिस्पोजलों और बरसाती व सीवरेज सिस्टम को मिलाकर 452 एमएलडी क्षमता है। प्रदेश के कई जिलों में आई बाढ़ के बाद भिवानी में भी बाढ़ के प्रबंधों को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी अतिरिक्त संसाधनों को जुटाने में लगे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर हाथ पांव न फूले और तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराई जा सके।
इसी के चलते जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहरी दायरे में भारी बारिश के दौरान पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग से चार 15-15 एचपी क्षमता के पंप लिए हैं। इन पंपों की पानी निकासी की क्षमता दो क्यूसेक है। ये अतिरिक्त पंप जलभराव संभावित इलाकों में बारिश के पानी की निकासी में इस्तेमाल होंगे। इसके अलावा विभाग ने अपने बारिश और सीवरेज डिस्पोजल को भी अपने बूते ही अपग्रेड किया है। आम तौर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सीवरेज के पानी की निकासी के लिए डिस्पोजल पर दो पंपों का ही संचालन करता है, मगर बारिश में डिस्पोजल के पांचों पंप एक साथ चलते हैं।
ये हैं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के डिस्पोजल की क्षमता
डिस्पोजल- पानी निकासी की क्षमता
दादरी रोड- 30 एमएलडी
ढाणा रोड- 20 एमएलडी
देवसर चुंगी बरसाती 42 एमएलडी
देवसर चुंगी सीवरेज- 18 एमएलडी
विकास नगर- 10 एमएलडी
कन्हीराम अस्पताल- 10 एमएलडी
शिवनगर कॉलोनी- 10 एमएलडी
जीतुवाला जोहड़- 09 एमएलडी
जागृति कॉलोनी- 06 एमएलडी
डिफेंस कॉलोनी- 05 एमएलडी
लघु सचिवालय बरसाती- 45 एमएलडी
लघु सचिवालय सीवरेज- 09 एमएलडी
शहर से रोजाना निकलता है 38 एमएलडी सीवरेज का गंदा पानी
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहरी सीवरेज शाखा के कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि शहर से रोजाना औसतन 36 से 38 एमएलडी सीवर का गंदा पानी निकलता है। सामान्य तौर पर सीवरेज के गंदे पानी की निकासी ड्रेन में आसानी से हो जाती है, मगर अचानक तेज बारिश के दौरान 100 एमएम बारिश में 360 एमएलडी जलभराव होता है। इसकी निकासी के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भी अतिरिक्त संसाधन जुटाकर इसकी निकासी के लिए प्रबंध करने पड़ते हैं। विभाग के सीवरेज और बरसाती डिस्पोजलों के अलावा 452 एमएलडी की फिलहाल क्षमता है। ऐसे में भारी बारिश के बाद भी अधिकतम 10 घंटों के अंदर शहर के सभी हिस्सों से पानी की निकासी हो सकती है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने सिंचाई विभाग से अतिरिक्त संसाधन जुटाए हैं, ताकी भारी बारिश के दौरान इनका इस्तेमाल शहरी दायरे से पानी की निकासी में किया जा सके। विभाग के पास साढ़े 19 एचपी के तीन और साढ़े सात एचपी के दो पंप भी हैं। शहरी डिस्पोजलों की पूरी क्षमता की जांच भी कराई गई है। कहीं पर मशीनरी से जुड़ी कोई समस्या फिलहाल नहीं है।
-सुनील कुमार कार्यकारी अभियंता शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।