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Bhiwani News: अब महज पांच घंटे में आएगी इन्फ्लूएंजा वायरस की रिपोर्ट, जिला मुख्यालय पर शुरू होगी जांच

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नागरिक अस्पताल की ओपीडी में बिना मास्क व सामुदायिक दूरी के लगी मरीजों की भीड़। 
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नवनीत शर्मा
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भिवानी। जिले में कोरोना संक्रमण की जांच के बाद अब इन्फ्लूएंजा वायरस की जांच की सुविधा भी जल्द ही शुरू होने जा रही है। अब 24 घंटे के बजाय महज पांच घंटे में इन्फ्लूएंजा वायरस की रिपोर्ट मरीज को मिल सकेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र लिखा है, जिसमें फ्लू जांच कीट और लैब में जांच करने की अनुमति मांगी है।
नागरिक अस्पताल में बनी कोरोना लैब में एक साथ 96 सैंपल की जांच हो पाएंगी, जिसमें चार से पांच घंटे का समय लगेंगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग रोजाना सैंपल लेकर पीजीआई रोहतक भेज रहा है, जिसमें आने-आने में गाड़ियों का खर्च व कर्मचारियों पर काम का बोझ पड़ रहा है। साथ ही रिपोर्ट में भी 24 घंटे लगते हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय पर जांच की सुविधा होने पर अधिक परेशानी नहीं होगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के पास फ्लू कॉर्नर बनाया हुआ है। इसके अलावा शुक्रवार को सिविल सर्जन की ओर सभी सीएचसी, पीएचसी सहित उपमंडल के अस्पतालों में भी फ्लू कॉर्नर बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई मरीज सामने आता है तो उसका उपचार शुरू हो सकें। इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखा है। जिले में बच्चों की दवाइयों का टोटा था, जिसे दूर करने के लिए 15 से अधिक तरह की दवाइयों का स्टॉक अस्पताल में मंगवा लिया है और भी कई तरह की दवाइयों का स्टॉक मंगवाने का ऑर्डर किया है, ताकि संक्रमण बढ़ने पर व्यवस्था न बिगड़ें। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण पर जरूरी निर्देश भी दिए।

कैटेगरी ए और बी के मिल रहे मरीज
जिले में खांसी, जुकाम के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके स्वास्थ्य विभाग ने इन्फ्लूएंजा वायरस की पहली कैटेगरी में खांसी और जुकाम के सामान्य मरीज शामिल है। कैटेगरी दो में निमोनिया से ग्रस्त, फेफड़ों में अधिक दिक्कत, सांस लेने में अधिक तकलीफ के मरीज शामिल है, जिन्हें चिकित्सक दवा और आवश्यकता पड़ने पर भर्ती होने का परामर्श दे रहे हैं। ऐसे मरीज भी 15 से 20 आ रहे हैं मगर इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।

भूले मास्क व सामुदायिक दूरी
नागरिक अस्पताल में स्टाफ और मरीज इन दिनों मास्क, सामुदायिक दूरी और सैनिटाइजर का प्रयोग भूल गए हैं। अस्पताल की ओपीडी में 2000 से अधिक मरीज आ रहे हैं और वे न तो मास्क लगा रहे है और न ही सामुदायिक दूरी नियम का पालन कर रहे हैं।

जीवन रक्षक दवाइयों का टोटा
नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी पर भी दवाइयों का टोटा है। इन केंद्रों पर जीवन रक्षक दवा जिसमें गैस, बीपी, कफ सिरप, एंटी एलर्जी क्रीम, मानसिक रोग, आंखों व कान की दवाइयां शामिल है। इसमें सेफेक्सीम टैबलेट, ओफ्लोक्सासिन टैबलेट, सिल्वर सल्फाडाइजिन क्रीम, डाइक्लोफिनेक जैल, सिप्रोफ्लोक्सासिन आई ड्रॉप, ओमेप्राजोल कैप्सूल, रैनिटिडिन टेबलेट, एंटी एलर्जी क्रीम, कफ सिरप आदि उपलब्ध नहीं है। हालात ये है कि बच्चों को बुखार में पीने के लिए देने वाली दवा तक नहीं है। इसके अलावा दर्द में बच्चों को देने वाली दवा भी नहीं है।

इन्फ्लूएंजा जांच के पांच और कोरोना के 110 सैंपल भेजे लैब
जिले में शुक्रवार को इन्फ्लूएंजा जांच के पांच सैंपल पीजीआई रोहतक भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट 24 घंटों में आएगी। जिले में इन्फ्लूएंजा वायरल की अलग-अलग कैटेगरी के अब तक पांच मामले मिले हैं, जिनमें से चार स्वस्थ चुके हैं और तीन उपचाराधीन है। शुक्रवार को कोई भी नया मामला सामने नहीं किया। जबकि कोरोना का जिले में एक सक्रिय मरीज है और 110 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे है। वहीं कोरोना संक्रमित निजी अस्पताल की महिला चिकित्सक के संपर्क में आए 33 लोगों की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।
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नागरिक अस्पताल की कोरोना लैब में ही अब इन्फ्लूएंजा वायरस के सभी कैटेगरी की जांच की सुविधा प्रदान करने जा रहे हैं। इसके लिए निदेशालय को पत्र लिखा है, जहां से अनुमति मिलते ही जांच शुरू कर दी जाएगी। जिले में कोरोना और फ्लू वायरस का एक-एक सक्रिय मरीज है, जिनका स्वास्थ्य फिलहाल सामान्य है।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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