उसी दिन उस समस्या का निदान भी होगा। इसके लिए 20 नवंबर से 25 जनवरी तक दो माह के लिए स्पेशल वैन गांव-गांव और वार्ड स्तर पर पहुंचेंगी। इनमें अधिकारियों की टीम मौके पर ही फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं का निदान करेंगी। फैमिली आईडी की समस्याओं को लेकर लोग जिला मुख्यालय पर भटक रहे हैं। वहीं कभी आय की वेरिफिकेशन नहीं होती है तो कभी दस्तावेजों की कमी से उनके मामले अधर में लटक रह हैं। मगर अब उनके घर द्वार पर ही समस्या का निदान होगा।
भिवानी जिले में तीन लाख 17 हजार परिवारों की फैमिली आईडी बन चुकी हैं, मगर अब भी जिले में करीब पांच फीसदी परिवारों की फैमिली आईडी नहीं बनी है। इसकी वजह उनके दस्तावेजों में कमी मानी जा रही है। भिवानी जिले को 11 जोन में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन का मैनेजर भी है। जो फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं को मौके पर देखेगा और फिर उसका उसी दिन समाधान भी कराएगा। वेरिफिकेशन के लिए खंड एवं विकास पंचायत विभाग के कर्मचारियों की टीम भी साथ होगी। इसमें ग्राम सचिव और पटवारी शामिल है। वहीं मानव सूचना संसाधन विभाग से जोनल मैनेजर मौके पर मौजूद रहेगा। दो माह तक जिले के प्रत्येक गांव में स्पेशल वैन पहुुंचेगी। एक वैन को एक दिन में दो गांव कवर करने होंगे और दोनों ही गांवों में फैमिली आईडी से जुड़ी ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल निदान भी कराना होगा। इसमें अधिकारी या कर्मचारी कोई बहानेबाजी भी नहीं कर पाएंगे। वहीं शहरी वार्डाें में भी वेन पहुंचेगी।
सरकार की तरफ से भिवानी जिले में तीन वैन ग्रामीण और एक वैन को शहरी दायरे में लगाया है। ग्रामीण क्षेत्र में परिवार पहचान पत्र से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें ग्राम सचिव प्राप्त करेंगे। उसी दिन उस समस्या को जोनल मैनेजर के समक्ष भेजा जाएगा। जोनल मैनेजर उसी दिन उस समस्या का समाधान भी सुनिश्चित करेगा। संवाद
ये रहेंगे जोन स्तर पर परिवार पहचान पत्र गलतियां ठीक कराने के जोनल मैनेजर
जोन का नाम- जोनल मैनेजर
1. भिवानी ब्लॉक- सुमित
2. सिवानी ब्लॉक निरज कुमार
3. लोहारू ब्लॉक- रवींद्र
4. बवानीखेड़ा ब्लॉक- श्रीभगवान
5. कैरू ब्लॉक- अनूप कुमार
6. तोशाम ब्लॉक- मंजीत
7. बहल ब्लॉक- देवेंद्र कुमार
8. भिवानी शहरी- हेमंत सैनी
9. सिवानी शहरी- संदीप कुमार
10. लोहारू शहरी- दीपक कुमार
11. बवानीखेड़ा शहरी- सुनील
परिवार पहचान पत्र से जुड़ी समस्याओं के निदान के लिए 20 नवंबर से 25 जनवरी तक एक वैन शहरी और तीन वैन ग्रामीण क्षेत्र में गांव-गांव पहुंचेंगी। इनमें ग्राम सचिव और पटवारी सहित अन्य संबंधित कर्मचारी शामिल होंगे। ये मौके पर ही परिवार पहचान पत्र से जुड़ी समस्याओं का निदान करेंगे। इसके लिए भिवानी जिले में 11 जोन बनाए गए हैं। प्रत्येक जोन का मैनेजर नियुक्ति किया हुआ है। जोन मैनेजर उसी दिन फैमिली आईडी की गलती को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कराएगा। जिला स्तर पर अगर कोई समस्या है तो वे मानव सूचना संसाधन विभाग में संपर्क कर सकते हैं।
-खुशवंत सिंह, जिला समन्वयक, मानव सूचना एवं संसाधन विभाग, भिवानी।