भिवानी। अब शहर में 57 साल पुराने देवसर चुंगी स्थित मुख्य डिस्पोजल का स्वरूप बदला जाएगा। शहर की बढ़ी हुई आबादी का दबाव झेल रहा शहर का पुराना मुख्य डिस्पोजल अब नए स्वरूप में आएगा। इसमें शहर के गंदे पानी को भंडारण के लिए नया कनेक्टिंग टैंक बनेगा वहीं, नया स्क्रीन चैंबर भी तैयार होगा। डिस्पोजल का पंपिंग सिस्टम भी नया लगाया जाएगा।
इतना ही नहीं शहर के अंदर करीब 35 करोड़ के बजट से 19 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन भी डाली जाएगी। वहीं बावड़ीगेट पर नया इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) भी बनाया जाएगा। वहीं दादरी रोड के डिस्पोजल का पंपिंग सिस्टम भी नया लगाया जाएगा। दिसंबर तक जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करीब 82 करोड़ के सीवर सिस्टम को मजबूत करने के मसौदों को सिरे चढ़ाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मुख्यालय के उच्चाधिकारियों को भी मसौदा भेजा है।
देवसर चुंगी स्थित पुराने शहर का मुख्य डिस्पोजल करीब 1967 में बनाया गया था। उस समय शहर की आबादी भी सीमित थी और दायरा भी कम था, लेकिन अब आबादी भी बढ़ गई है और शहरी दायरा भी बढ़ा है। इसी के साथ करीब 57 साल पुराने मुख्य डिस्पोजल में दो पुराने टैंकों को तोड़कर इनकी जगह नया बड़ा टैंक तैयार होगा या फिर इन दोनों टैंकों के अलावा एक नया टैंक निर्माण होगा। पुराने डिस्पोजल में स्क्रीन चैंबर भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा। यहां स्क्रीन चैंबर में मशीन खराब पड़ी है, जबकि जगह भी काफी संकरी है। नया स्क्रीन चैंबर पहले से ज्यादा बड़ा होगा, जिससे शहर भर से आने वाले गंदे पानी के अंदर से ठोस कचरा बाहर निकालना संभव होगा। डिस्पोजल पर लगा पुराना पंपिंग सिस्टम भी हटाकर नया लगाया जाएगा।
इतना ही नहीं बावड़ीगेट से दादरी गेट क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी के लिए अब नया आईपीएस (इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन) तैयार किया जाएगा। जिसके माध्यम से इस इलाके के गंदे पानी की निकासी मुख्य डिस्पोजल तक कराई जाएगी। फिलहाल इस इलाके में सीवर के गंदे पानी को डिस्पोजल तक ले जाने सीवर मैनहोल पर दो जगहों पर बड़ी मोटरें लगाई हुई हैं, जिन पर विभाग को भी हर साल लाखों का अलग से खर्च झेलना पड़ता है। आईपीएस निर्माण पर करीब सात करोड़ का बजट खर्च आएगा। इसके लिए नगर परिषद से भूमि भी मंजूर हो चुकी है, पहले यहां पार्क बनाया जाना था, मगर अब आईपीएस बनाया जाएगा।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के समक्ष पहुंची 200 से अधिक डिमांड
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार का कहना है कि शहरी सीवरेज सिस्टम को मजबूत बनाने व नई सीवर लाइन डालने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास शहर भर से करीब 200 डिमांड आ चुकी हैं। इसके बाद ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने शहर में करीब 35 करोड़ के बजट से 19 किलोमीटर लंबाई तक अलग-अलग हिस्सों में सीवर लाइन डालने का खाका तैयार किया है। इन हिस्सों में फिलहाल सीवर लाइन नहीं होने से गंदे पानी की निकासी बड़ी चुनौति बना है।
13 पहले बने दादरी रोड एसटीपी की भी होगी कायापलट
शहर के अंदर दादरी रोड पर करीब 13 साल पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था। मुख्य डिस्पोजल से इस ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए गंदे पानी को ट्रीट कर किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए भिवानी-घग्घर ड्रेन में डाला जा रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को भी अपग्रेड किया जाएगा। इसमें पंपिंग सिस्टम को नया किया जाएगा। स्क्रीन चैंबर के अलावा यहां करीब 20 करोड़ के बजट से कायापलट का काम होगा। एसटीपी को अपग्रेड किए जाने के बाद शहर के गंदे पानी की निकासी की क्षमता में भी इजाफा होगा।
न्यू विद्या नगर और देवनगर कॉलोनी के आईपीएस निर्माण का मसौदा स्थगित
शहरी दायरा बढ़ने के साथ ही पानी और सीवर सिस्टम की जरूरतें भी बढ़ गई हैं। इसी को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने महम रोड की न्यू विद्या नगर कॉलोनी और हांसी रोड की देव नगर कॉलोनी में भी एक-एक नया आईपीएस (इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन) निर्माण का खाका तैयार किया था, लेकिन ये दोनों ही कॉलोनियां अनधिकृत दायरे में आने की वजह से इस पर मामला मंजूरी को लेकर अटक गया। इसी वजह से अब इन दोनों ही जगहों पर आईपीएस निर्माण के मसौदे को स्थगित कर दिया है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहरी दायरे के सीवर सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए पुराने डिस्पोजल, एसटीपी में बड़े स्तर पर फेरबदल करेगा। इसके अलावा दादरी गेट से बावड़ीगेट के बीच नया आईपीएस बनाया जाएगा। वहीं शहर में नई सीवर लाइन भी डाली जाएगी। इन सभी मसौदों को दिसंबर तक सिरे चढ़ाने का प्रयास है। इसके लिए मुख्यालय के अधिकारियों से भी लगातार बातचीत हो रही है।
-सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।